मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
गुरुवार-शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और दीवानगंज सहित आसपास के करीब 50 गांवों में तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी ने जमकर तबाही मचाई। लगभग एक घंटे तक चली तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और कई गांवों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
तेज हवाओं के कारण दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा, नरखेड़ा, जमुनिया, निनोद, बरजोरपुर, सरार, कयामपुर, संग्रामपुर, मुस्काबाद, करैया, गिदगढ़, बालमपुर, देहरी, छोला, चांद पिपरिया, प्रेमपुरा, अनंतपुरा, दहीडा, लंबाखेड़ा, ढकना-चकना, कचनारिया, सोजना सहित कई गांव प्रभावित हुए।
आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर वर्षों पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर धराशाई हो गए। दीवानगंज के सागोनी मोहल्ला में एक बड़ा नीम का पेड़ गिर गया, वहीं सेमरा रेलवे स्टेशन परिसर में भी पेड़ गिरने की सूचना है।

तेज हवा का सबसे ज्यादा असर कच्चे और टीन शेड वाले मकानों पर देखने को मिला। कयामपुर निवासी मनोज ठाकुर और अंबाडी निवासी गोवर्धन रैकवार के घरों पर लगी टीन शेड तेज हवा में उड़ गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, अचानक आई इस आंधी ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। कई जगहों पर टीन शेड उड़कर दूर जा गिरे, जिससे आसपास के घरों को भी खतरा पैदा हो गया।दिन के समय भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा और रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही, जिससे लोग दिनभर परेशान रहे।
ग्रामीणों में दहशत, जनजीवन प्रभावित
आंधी-बारिश के चलते कई गांवों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी, लेकिन कर्मचारियों ने समय देते बिजली सप्लाई सीकरी चालू कर दी जिससे ग्रामीणों को देर रात में परेशानी नहीं हुई।
दीवानगंज क्षेत्र में अचानक बदले मौसम ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जहां एक ओर खेतों में पहले से आगजनी की घटनाएं चिंता बढ़ा रही थीं, वहीं अब तेज आंधी-बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।