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52 साल पुराने जर्जर भवन में लग रही है प्राथमिक शाला, खतरे में नौनिहाल

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अम्बाड़ी गांव की घटना से नहीं लिया सबक, ज़िम्मेदार नही दे रहे ध्यान

सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की ग्राउंड रिपोर्ट।
शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए केंद्र से लेकर राज्य की सरकारें एड़ी चोटी को जोर लगा रही हैैं। इसके बावजूद सरकारी स्कूलों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। हालात यह है कि बुनियादी सुविधाएं तक स्कूलों से नदारद हैं। रायसेन जिले में कई स्कूल हैं जहां टपकती छतों के नीचे और गंदगी के बीच नौनिहाल स्वच्छता का पाठ पढ़ रहे हैं।

कुछ ऐसा ही मामला है सांची विकासखंड के ग्राम सरार में शासकीय प्राथमिक शाला का। यहां पर चौथी एवं पांचवी क्लास बरसों पुराने भवन में लगाई जाती है। जिसमें जगह जगह से दीवारों में दरारें पड़ रही हैं। ऊपर पुराने जमाने की लकड़ी की छत है। जिसमें बरसात में भी पानी टपकता है। अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। शिक्षा विभाग ने 3 महीने पहले ग्राम अम्बाड़ी के हादसे से भी सबक नहीं लिया है। जिसमें 21 अप्रैल 2022 को शासकीय प्राथमिक शाला अम्बाड़ी शासकीय की प्राथमिक शाला स्कूल की बाउंड्री वाल गिरने से एक बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरा के पूरा जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया था। 2 शिक्षकों को सस्पेंड भी किया गया था। वहीं हमेशा की तरह छोटे कर्मचारियों को ही बलि का बकरा बनाया गया था। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को भवन की जर्जर हालत के बारे में लिखित में दिया है। अभी तक कोई भी जवाब नहीं आया है। जिस शिक्षा के मंदिर में छात्र अपना नींव गढ़ रहे हैं वो ही जर्जर स्थिति में है। ऐसे में छात्रों पर कभी भी अनहोनी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। यह बात हम नहीं बल्कि जर्जर भवन की दीवार व सिलिंग खुद बयां करती नजर आ रही है। इसका एक नमूना सरार की प्राथमिक शाला है। जिम्मेदारों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है अनदेखी की जा रही है।

इनका कहना है।
प्राथमिक शाला सरार का भवन लगभग 52 साल पहले 1970 में बना था। ये भवन काफी पुराना हो गया है। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को समस्या से अवगत करा चुके हैं की उक्त भवन जर्जर अवस्था में हैं। इसकी मरम्मत कराई जाए। और तो और बारिश के मौसम में जब भवन में ज़्यादा पानी टपकता है। तब हमें पांचों कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाना पड़ता है।
घनश्याम शर्मा, सहायक अध्यापक

हम लगभग 6 बार जनपद पंचायत व हायर सेकेंडरी स्कूल में आवेदन दे चुके हैं कि ग्राम पंचायत सरार की प्राथमिक शाला का भवन बहुत जर्जर हो चुका है। फिर भी कोई सुनवाई नही हो रही है। और ना ही कोई दूसरी व्यवस्था की जा रही है। इस जर्जर भवन में तीन कक्षाओं तीसरी, चौथी व पांचवी कक्षा के विद्यार्थियों अध्ययन करते हैं।
राकेश तामेश्वरी, शिक्षक

ये बरसों पुराना स्कूल है।इसकी दीवारे जगह-जगह से टूट रही हैं। इस भवन में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन ज़िम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नही दे रहे हैं। हम लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाह रहे हैं। मजबूरी में हमें अपने बच्चों को इस जर्जर भवन में पड़ने को भेजना पड़ रहा है।
नरेंद्र मालवीय, स्थानीय ग्रामीण सरार

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