अभिषेक असाटी बक्सवाहा
नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। नगर के विभिन्न वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जबकि पशु चिकित्सालय जाने वाले मार्ग के गेट पर ही गंदगी का अंबार जमा है। मुख्य प्रवेश द्वार पर फैली गंदगी और उठती तेज दुर्गंध से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थिति को और चिंताजनक बनाते हुए यह तथ्य सामने आया है कि कई महीनों से नालियों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव तक नहीं किया गया है। नालियों में जमी गंदगी और ठहरे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा न तो नियमित कचरा उठाव किया जा रहा है और न ही नालियों की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इसी संबंध में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष संजय दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बक्सवाहा नगर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और हर ओर गंदगी का साम्राज्य फैल गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार लिखित एवं मौखिक शिकायतें संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद बक्सवाहा में यह अभियान केवल कागजों तक सीमित रह गया है और धरातल पर इसकी कोई झलक दिखाई नहीं देती। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और जिम्मेदारों की निष्क्रियता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।