अमर शहीद बलवंत राय मेहता की 127वीं जयंती पर ऑल इंडिया पंचायत परिषद की बैठक आयोजित
भोपाल। ऑल इंडिया पंचायत परिषद और मध्य प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के संयुक्त तत्वावधान में बांधवगढ़ (ताला) स्थित टाइगर हैवल रिसॉर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक सह जयंती समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंचायती राज के जनक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और गुजरात के प्रथम मुख्यमंत्री अमर शहीद बलवंत राय मेहता की 127वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पंचायत परिषद के मुख्य महामंत्री एवं बलवंत राय मेहता पंचायती राज फाउंडेशन के सचिव श्री शीतला शंकर विजय मिश्र ने तीखे स्वर में कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में विकास कार्यक्रम आज भी नौकरशाही के चंगुल में फंसे हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा वर्तमान में ग्राम विकास से जुड़े अंतिम निर्णय निर्वाचित प्रतिनिधियों के बजाय सरकारी अधिकारियों की इच्छा से हो रहे हैं। पंचायती राज अधिनियम की कई धाराएं पंचायतों को सशक्त बनाने के बजाय उन पर सरकारी नियंत्रण को बढ़ावा देती हैं। जिला, ब्लॉक और गांव स्तर की संस्थाओं के बीच स्पष्टता की कमी के कारण पंचायती राज का प्रवाह बाधित हो रहा है।
श्री मिश्र ने चेतावनी दी कि इन विसंगतियों के कारण ग्रामीण समाज में बिखराव तेज हो गया है, जिसे रोकना अनिवार्य है।

सरपंचों की स्वेच्छा निधि पर टिकी निगाहें
मध्य प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंह सेंगर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि परिषद शहीद बलवंत राय मेहता के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर संघर्षरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भोपाल के जम्बूरी मैदान में की गई घोषणा का स्मरण कराते हुए कहा कि सरपंचों को 50 हज़ार रुपये की स्वेच्छा निधि देने के वादे को आगामी बजट में शामिल किए जाने की पूरी उम्मीद है।
श्री सेंगर ने यह भी कहा कि प्रदेश में विभिन्न छोटे-छोटे संघों के कारण पंचायती राज की स्थिति अस्थिर हुई है। उन्होंने अपील की कि सभी संगठन अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए मध्य प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के झंडे तले एकजुट हों।

श्रद्धांजलि और सहभागिता
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित अतिथियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने शहीद बलवंत राय मेहता के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जिला पंचायत सदस्यों, जनपद अध्यक्षों और सरपंचों ने पंचायती राज को वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सौंपने की मांग की।
कार्यक्रम का संचालन श्री अश्वनी सिंह परिहार (सरपंच, सीधी) ने किया। बैठक में श्री अजय गोटिया (कटनी), श्रीमती अलका शर्मा (नर्मदापुरम), श्री विनोद त्रिपाठी (रायसेन), श्री नरेंद्र सिंह चौहान (गुना), श्री तेज लाल चौधरी (बालाघाट) सहित शहडोल, शिवपुरी, मैहर, जबलपुर और उमरिया जिलों के सैकड़ों निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हुए।