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विदिशा।समर्थ प्रस्तुति मंडळ एवं महाराष्ट्रियन समाज विदिशा द्वारा दो दिवसीय भव्य आयोजन “शौर्य गाथा राजा शिव छत्रपति की” बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव से सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 19 व 20 सितम्बर 2025 को कामधेनु मंगल वाटिका परिसर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस (19 सितम्बर) में महानायक छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के विभिन्न आयामों पर विशेष प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें महाराज की उत्पत्ति, प्राचीन व आधुनिक भारत की स्थिति, छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म, बाल्यकाल तथा स्वराज स्थापना की शपथ जैसे विषयों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

द्वितीय दिवस (20 सितम्बर) पर समर्थ गुरु रामदास जी से भेंट, अफजलखान वध, शाइस्ता खाँ पर प्रहार तथा राजाभिषेक जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों की आकर्षक झाँकी प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर श्री अभिषेक शेवङे ने छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया तथा वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्रहित एवं समाज निर्माण हेतु शिवाजी महाराज के आदर्शों को अपनाने पर बल दिया।कार्यक्रम का संचालन श्री सौरभ मराठे द्वारा किया गया

विदिशा में दो दिवसीय छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म से लेकर राज्य अभिषेक तक ,इस संगीतमय नाट्य कथा का आयोजन महाराष्ट्रीय समाज विदिशा द्वारा किया गया था, जिसमे अथिति के रूप में ग्वालियर के पूर्व सांसद विवेक शेज्वलकर, दत्त मंदिर देवास के अवधूत स्वामीजी , लोकरे शास्त्रीजी, श्रीप्रशांत शर्मा पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एश्वरया मुदड़ा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे

इस अवसर पर कार्यक्रम के सूत्रधार अभिषेक शेवड़े का विदिशा के समाज सेवी गोविन्द देवलिया, बासोदा के सुनील बाबू पिंगले द्वारा शाल एवम श्री फल देकर सम्मानित किया देवलिया जी ने सम्मान निधि भी दी और इस आयोजन को विदिशा नगर में तथा व सुनील बाबू ने बासोदा में भी भव्य आयोजन किया जावेगा।
इस आयोजन में गौरव सोनवेलकर संगीत एवम सत्यम शर्मा स्वप्निल एवम शुभांगी तलेगावकर सहित उनकी पूरी टीम ने सराहनीय कार्यक्रम प्रस्तुत किया महाराष्ट्रयान समाज के अध्यक्ष उदय ढोली सचिव अशोक देव ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट जनों की उपस्थिति से कार्यक्रम गौरवपूर्ण रहा।कार्यक्रम में पूर्व वित्तमंत्री राघव जी भाई, समाजसेवी सन्दीप डोंगरसिंह, सजंय पांडे जी,अजित पाटिल ,डॉ गोरे, महेश दीक्षित, भोकरडोले जी,कन्हेरकर जी शिवकुमार तिवारी सहित नगर के प्रबुद्धजनों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया गया और यह संदेश दिया गया कि “शिवाजी इतिहास नहीं, वर्तमान का प्रकाश और भविष्य की प्रेरणा हैं।”