शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, लेकिन बेगमगंज जेल में इस बार इस पर्व ने इंसानियत और सुधार का संदेश भी दिया। बारिश के कारण कई बंदियों की बहनें जेल नहीं पहुंच सकीं, ऐसे में ब्रह्माकुमारी बहनों ने आगे बढ़कर इन भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहने दी। जेल पहुंचीं बहनों ने 102 बंदियों को राखी बांधी और उन्हें बेहतर जीवन की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

बेगमगंज जेल में रक्षाबंधन का दृश्य भावुक कर देने वाला था। कई बंदी अपनी बहनों के आने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बारिश ने मिलने की उम्मीद पर पानी फेर दिया। तभी ब्रह्माकुमारी बहनों ने भाई-बहन के रिश्ते की भावना को जीवंत करते हुए बंदियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।

राखी के साथ बंदियों को काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी बुराइयों का त्याग करने का संकल्प दिलाया गया। अपराध और नशे से दूर रहकर सदाचार, प्रेम और भाईचारे के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी गई।

तिलक और रक्षा सूत्र को आत्म-स्मृति और सकारात्मक सोच का प्रतीक बताते हुए मानसिक शांति और आंतरिक शक्ति का संदेश दिया गया।यह आयोजन बंदियों के लिए सिर्फ रक्षाबंधन नहीं, बल्कि गलत रास्ता छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने की उम्मीद का पर्व बन गया।