मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
नरखेड़ा के पहाड़ पर तीन दिनों से लगातार दो बड़े तेंदुआ गांव वालों को दिखाई दे रहे हैं। जिससे गांव वाले दहशत का माहौल बना हुआ है। कई ग्रामीणों ने अपने कैमरे में तेंदुआ के फोटो लेकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए है। नरखेड़ा के पहाड़ पर इस समय चारों ओर बारिश के कारण पेड़ों में हरियाली आ जाने के कारण घना जंगल सा बन गया है। इसी घने जंगल में सरपंच रामदयाल लोधी, ओमप्रकाश लोधी, भगवान सिंह लोधी, चिरोंजी लाल , धन सिंह लोधी सहित कई ग्रामीणों को पहाड़ के ऊपर शाम के समय दो तेंदुए घूमते हुए दिखाई दिए। जिससे इन लोगों में दहशत का माहौल बन गया।

सरपंच रामदयाल लोधी ने बताया कि तीन दिनों से शाम के समय 2 से 3 तेंदुआ पहाड़ पर घूम रहे हैं। हमारी जैसे ही नजर पड़ी हम डर गए। तेंदुआ के दिखाई देने के कारण गांव वाले लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। कई लोगों ने पहाड़ से लगकर घर बने हुए हैं। इन घरों में 100 से अधिक व्यक्ति रहते हैं तेंदुआ के दिखाई देने के कारण इन सभी लोगों में डर का माहौल दिखाई दे रहा है ग्रामीणों ने मांग की है कि इससे पहले भी कई बार तेंदुआ दिखाई दिया है और हमारे जानवरों का शिकार भी किया है। इसके बावजूद भी वन विभाग तेंदुआ का रेस्क्यू नहीं कर रहा है।
एक सप्ताह पहले कयामपुर के पहाड़ पर तेंदुआ ने भूरा सिंह सहरिया पिता नवल सिंह सहरिया की गाय के बछड़े पर हमला कर दिया। जिससे बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया था बाद में उसकी मौत हो गई। इससे पहले अंबाडी के गांव सत्ती मैं तेंदुआ ने बेल के ऊपर हमला कर उसको घायल कर दिया था जिसका इलाज चल रहा है।तेंदुआ लगातार दीवानगंज ,अंबाडी ,नरखेड़ा ,कुलहड़िया, बरजोर पुर ,संग्रामपुर, और कयामपुर में दिखाई दे रहा है।
हालांकि वन विभाग ने नरखेड़ा, कुलहड़िया, मुस्काबाद, दीवानगंज,कयामपुर ,संग्रामपुर के जंगल में तेंदुआ विचरण करने का अनाउंसमेंट कराया था। ताकि ग्रामीण तेंदुआ से सतर्क रहें। अनाउंसमेंट में कहा गया था कि अगर ग्रामीण जंगल में जाए तो समूह बनाकर जाएं और बातचीत करते रहे। रात के समय अपने पालतू पशु को घर में बांधकर रखें।
कुछ दिन पहले नरखेड़ा पंचायत के पास वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुआ विचरण करने का बोर्ड लगा रखा है। ग्रामीणों की मांग है कि इसी तरह के अन्य गावों में भी बोर्ड लगना चाहिए ताकि ग्रामीण जंगल में सतर्क होकर जाए।