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खेत में करंट लगने से नाबालिग मजदूर की मौत, एक गंभीर

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एफआईआर में पुलिस पर अभद्रता का आरोप, परिजनों ने किया हंगामा,
बिजली विभाग की लापरवाही

सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन

जिले के गैरतगंज तहसील के देहगांव थाना क्षेत्र के ग्राम सकतपुर में मंगलवार को धान लगाते समय खेत में लगे बिजली के तारों की चपेट में आने से 16 वर्षीय खुशबू अहिरवार नामक नाबालिग़ मज़दूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य मज़दूर माया अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने इस घटना के लिए किसान और बिजली विभाग की लापरवाही को ज़िम्मेदार ठहराया है। उधर, घटना के बाद थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और पुलिस पर अभद्रता का आरोप भी लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे सकतपुर गांव के किसान अखिलेश शर्मा के खेत में खुशबू अहिरवार 16 वर्ष निवासी चांदोनी गंज, गैरतगंज, धान लगा रही थी। खेत में जमीन से मात्र 4 से 5 फिट की ऊंचाई पर लगे बिजली के तारों से माया अहिरवार के बालों में लगा क्लेचर फंस गया और उसे करंट लग गया। माया को बचाने के प्रयास में खुशबू भी करंट की चपेट में आ गई। बाद में साथ में काम कर रही राधिका कुशवाह ने प्लास्टिक के पाइप की मदद से दोनों को अलग किया। गंभीर हालत में उन्हें देहगांव अस्पताल ले जाया गया, जहां खुशबू को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि माया को गंभीर हालत में रायसेन जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

किसान और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

मृतक खुशबू और घायल माया के परिजनों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर किसान अखिलेश शर्मा और बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों का आरोप है कि खेत में मात्र 4-5 फिट की ऊंचाई पर करंट वाले तार होने के बावजूद किसान ने कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए थे। वहीं, बिजली विभाग ने भी इन तारों को ऊंचा करने या डेंजर जोन के प्रति ध्यान नहीं दिया, जिसके परिणामस्वरूप एक मासूम की जान चली गई।

पुलिस पर अभद्रता और लापरवाही के आरोप

परिजनों ने देवनगर पुलिस के रवैये पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के मामा दीपेश अहिरवार ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराने के लिए जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनसे अभद्रता की और उन्हें टालते रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया, उनके मोबाइल छीन लिए और धक्का-मुक्की भी की। काफी हंगामे और मान-मनौवल के बाद शाम करीब 6 बजे जाकर एफआईआर दर्ज हो सकी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस घायल माया को बिना किसी सूचना के रायसेन ले गई, जिसकी जानकारी उन्हें बाद में अस्पताल पहुंचने पर मिली।
इस संबंध में जब देवनगर थाना प्रभारी हरिओम अस्थाना से परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया।

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