मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 की बालमपुर घाटी पर लगातार हो रहे हादसों को रोकने के लिए एमपीआरडीसी ने टूटी हुई रेलिंग की जगह नई लोहे की रेलिंग लगाई है। सड़क के गहरी खाई वाले हिस्से पर कुछ दिन पहले यह रेलिंग लगाई गई।
बालमपुर घाटी के दोनों ओर अंधे मोड़ हैं। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रही हैं। कुछ साल पहले एक तरफ रेलिंग लगाई गई थी, लेकिन हादसे नहीं रुके। बार-बार दुर्घटनाओं के कारण रेलिंग टूटती रही। कई वाहन खाई में गिर चुके हैं। तेज रफ्तार में नीचे उतरते समय मोड़ पर वाहन सीधा 30 फीट गहरी खाई में गिर जाता था। चढ़ाई के दौरान भी कई वाहन पीछे रिवर्स होकर खाई में पलट चुके हैं। अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है।
बार-बार हो रहे हादसों को देखते हुए एमपीआरडीसी ने घाटी का चौड़ीकरण किया।

ज्यादा मोड़ और खाई वाले हिस्से में सड़क को चार-चार मीटर चौड़ा किया गया। मगर 50 फीट गहरी खाई वाली तरफ रेलिंग कई जगहों पर नहीं लगाई गई। अगर कोई वाहन चालक उन जगहों से दुर्घटनाग्रस्त होता है, तो वह सीधे खाई में गिर सकता है। इससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि एमपीआरडीसी को पूरी रेलिंग लगानी चाहिए थी। कुछ महीने पहले विदिशा से मंडीदीप जा रही एक कार इसी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए थे।