हमारा संगठन सिने वर्कर्स के हितों को दृष्टिगत रखते हुए बेहतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध – आर के दादौरिया
(सुनील सोन्हिया द्वारा लिया गया विशेष साक्षात्कार)
एक अच्छा संगठन युवा सोच को पूरी तरह से बदल सकता है, क्योंकि संगठन से ही विचारों का निर्माण होता है ,किसी अकेले व्यक्ति को एकता का साथ मिल जाए तो वह संगठन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक निडर निर्भीक व साहसी नेतृत्व की तरह कार्य करता है।क्योंकि संगठन में हजारों लोगों की भावनाएं होती है और उन्हीं भावनाओं से एक नेतृत्व जन्म लेता है ।
ये मानना है “द नेशनल सिनेवर्कर्स यूनियन मध्यप्रदेश” (NCWU MP) के प्रदेश अध्यक्ष आरके दादौरिया का।आज दादौरिया मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों में भी अपनी सामाजिक शैक्षणिक व रचनात्मक कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं ।एम टेक (सिविल) ऑनर्स तक शिक्षित दादौरिया की कला व रंगमंच में अभिरुचि होने के कारण आपने फिल्म सत्याग्रह, जय गंगाजल ,चक्की, लव आल, रंगबाज फिर से ,द शटल कॉक मर्डर ,टीवी सीरियल एक दूजे के वास्ते सीजन 1और 2,गुल्लक 2,सावधान इंडिया, क्राइम सीरीज, मौका ए वारदात,सुरेश वाडकर की आवाज में गाये मशहूर भजन भवन दरबार सजाए..मैया मुझे बुलाये एलबम सांग , वेबसीरिज डॉक्टर जी,होम कमिंग,धर्मा प्रोडक्शन की फीचर फिल्म सेल्फ़ी व शार्ट फ़िल्म वितरक बंधु,बीमा एजेंट, अधिकार,अंतर्द्वंद्व,बाबुल की सीख,खामोशी की आवाज़,तिवारी जी व अन्य कई प्रोजेक्ट्स में काम किया है। दादोरिया जी को इम्पा फिल्म्स द्वारा आयोजित आइफा अवार्ड्स ,दामिनी की आवाज ,राष्ट्रीय ईसाई संघ,बेस्ट ब्रिगेड प्रोडक्शन,मिलन फ़िल्म प्रोडक्शन व अन्य मंचों से सम्मान मिल चुका हैं।
द नेशनल सिनेवर्कर्स यूनियन मध्यप्रदेश संगठन बनाने के उद्देश्य पर बात करते हुए दादौरिया ने बताया कि NCWU MP की सदस्यता का मतलब है कि आप एक राष्ट्रीय यूनियन परिवार का हिस्सा हैं।एक सदस्य के रूप में आप संघ के दृष्टिकोण को साझा करते हैं ,आप हमारे दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं और सहयोग के माध्यम से समाधान और कार्यवाही विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।संगठन सिने वर्कर्स के हितों को दृष्टिगत रखते हुए उनके लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मध्यप्रदेश शासन से मांग करते हुए दादौरिया ने कहा कि सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में एक ऐसे फिल्म इंस्टीट्यूट की स्थापना की आवश्यकता है जहां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुमति प्राप्त स्नातक की डिग्रियों वाले कोर्स सीधे इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद शुरू हों। ये तकनीकी कोर्स निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी ,फिल्म संपादन, फिल्म लेखन,रूप व केशसज्जा ,कला निर्देशन, वेशभूषा, संगीत प्रशिक्षण ,साउंड रिकॉर्डिंग ,पब्लीसिटी डिजाइन,विपणन, विक्रय, सोशल मीडिया प्रबंधन के अलावा फाइटर्स व डांसर्स की ट्रेनिंग से जुड़े हो सकते हैं ।
इसके लिए प्रशासन को दूरगामी योजना बनाकर सिनेमा के लिए समर्पित लोगों की टीम बनानी होगी ।मध्य प्रदेश के विशाल भाग में फिल्म निर्माण की विपुल सांस्कृतिक धरोहर मौजूद है। जो मध्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, यहां की हसीन वादियां और मनोरम दृश्य इसकी स्थानीय संस्कृतियों की विविधता आदि सभी फ़िल्म निर्माण के लिए आवश्यक तत्व उपलब्ध कराते हैं।
मध्यप्रदेश कलाकारों का गढ़ है जरूरत है उन्हें सही मार्गदर्शन की इसलिए हमारे संगठन के सभी वरिष्ठ कलाकार इस दिशा में निरन्तर कार्यरत हैं जो भी नवोदित कलाकार सर्वत्र मध्यप्रदेश में फिल्म कला के क्षेत्र में अपनी अदाकारी की पहचान बनाने हेतु हमारे संगठन से जुड़कर मार्गदर्शन ले सकते हैं हमारे संगठन से जुड़ने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है