तारकेश्वर शर्मा
सीहोर जिले के बकतरा के दिगवाड़ा गांव में विकास कार्य और धार्मिक आस्था आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान सड़क के बीच आ रहे हनुमान मंदिर को हटाने की तैयारी के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। मंदिर को यथावत रखने की मांग को लेकर साधु-संत, महिलाएं और सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण चक्का जाम कर प्रशासन और सरकार से अपनी मांग पूरी करने की अपील की जा रही है।

दिगवाड़ा गांव में इन दिनों माहौल पूरी तरह आंदोलनमय है। राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन सड़क के बीच स्थित वर्षों पुराने हनुमान मंदिर को हटाने की चर्चा ने ग्रामीणों की भावनाओं को झकझोर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था और विश्वास का प्रतीक है। इसलिए वे चाहते हैं कि सड़क के नक्शे में बदलाव कर मंदिर को उसके मूल स्थान पर ही सुरक्षित रखा जाए।

इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण, साधु-संत और महिलाएं सड़क पर बैठ गए हैं। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रखा गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
आंदोलनकारियों ने सरकार से अपील की है कि विकास कार्य जरूर हो, लेकिन लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर को यथावत रखा जाए। फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है,