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महिला कोपुनर्व्यवस्थित करना प्राथमिकता रहे,अपराधी को दंड भी मिले -श्री जितेंद्र माहेश्वरी सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश

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-मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत, ग्वालियर खंडपीठ उच्चन्यायालय न्यायाधीश श्री आनंद पाठक जीकी विशिष्ट उपस्थिति में हुई संगोष्ठी
स्वर्गीय राजकुमार जैन एडवोकेट की स्मृति गोष्ठी में शामिल हुए न्यायाधीश

विदिशा। स्वर्गीय राजकुमार जैन एडवोकेट की स्मृति में विगत 34 वर्षों से विधिक क्षेत्र में गोष्टी परिचर्चा की श्रंखला में इस वर्ष ,सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिपति श्री जीके महेश्वरी एवं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री कैत साहब तथा उच्च,, न्यायालय खंडपीठ ग्वालियर के न्यायाधीश श्री आनंद पाठक के विशिष्ट आतिथ्य में संगोष्ठी हुई।

गोष्ठी का संचालन करते हुए ट्रस्ट सचिव गोविन्द देवलिया ने बताया कि पौराणिक नगर विदिशा,बाल्मीकि रामायण के अनुसार श्री शत्रुघ्न के पुत्र शत्रु घाती को विदिशा क्षेत्र राज्य के रूप में प्रदान किया गया था, वेदिसनगर ,विश्वानगर, भेलसानी ,और भेलसा तथा अंततोगत्वा विदिशा ,भगवान राम के चरण चिन्हों से सुशोभित हैं।श्रमण तीर्थंकर भगवान शीतलनाथ जी, सम्राट अशोक और पुष्यमित्र शुंग तथा महर्षि पतंजलि जैसी विभूतियों के सानिध्य की स्मृतियों से सराबोर हैं यह नगर।
विश्व प्रसिद्ध पाषाण शिल्प शालभंजिका, उदयगिरी की गुफाएं, हेलियोडोरस का स्तम्भ, विजयमन्दिर बिजामण्डल, सहित उदयपुर का मंदिर ,ग्यारसपुर और पठारी बडोह की पुरा सम्पदा हमारी धरोहर हैं।

तीन न्यायधीशों ने अपराध रोकने के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया। शिक्षा वह है,जो अपराध को रोकने की शक्ति रखती है। हमे समाज और राष्ट्र के प्रति संवेदनशील बनाती है।
आज सन्दर्भ था..! स्व. राजकुमार जैन स्मृति न्यास का महिला अपराध,पुलिस विवेचना और न्यायपालिका..! पर आयोजित संगोष्ठी का..!


स्थानीय रविन्द्र नाथ टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित इस संगोष्ठी के अवसर पर न्यायमूर्ति श्री सुरेश कुमार कैथ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अपने विचार प्रकट करते हुए अपराध को रोकने के लिए शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया। साथ ही आपने शहर के लोगो से शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के सहयोग की बात कह कर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को पूर्ण करने की बात भी कही।
न्यायमूर्ति श्री आनंद पाठक जो कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में न्यायाधीश है,ने अपने विचारों में सम्वेदनशीलता को जीवन मे सबसे महत्वपूर्ण होने की बात कही। आपने कहा कि हम किसी भी केस को एक फ़ाइल या एक यूनिट न देख कर,सम्वेदनशीलता के साथ एकपीड़ित व्यक्ति के जीवन को देखे। यह सम्वेदनशीलता पुलिस विभाग से लेकर न्यायालय तक होनी चाहिए। आपने एक व्यक्ति के रूप में हमे अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को सभी के सुख दुख में साथ रहने की बात भी कही। इससे भी हम लोगो की अनेक समस्याओं को हल कर सकते हैं। डिप्रेशन और आत्महत्या जैसी समस्याओं को हम सामाजिक रूप से एकदूसरे का सहयोग करते हुए सामना कर सकते हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और दुरुपयोग पर भी अपने विचार सभी के सामने रखे।


इसी प्रकार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश,न्यायमूर्ति श्री जितेंद्र कुमार माहेश्वरी जी द्वारा हमारे धर्म मे वर्णित “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता” के उदाहरण से लेकर आज महिलाओं की स्थिति पर अपने विचार कानूनी और सामाजिक दृष्टि को सामने रखकर,ट्रिपल तलाक जैसे कुछ उदाहरणों के द्वारा स्पष्ट किया। आपने यह भी कहा कि संवैधानिक प्रावधान सभी समस्याओं के समाधान के लिए मौजूद है,लेकिन उनका क्रियान्वयन सही तरह से हो नही पा रहा है। साथ ही समयानुसार कानूनों में बदलाव और संशोधन की बात भी आपने कही।तीनो न्यायमूर्तियों के विचारों में शिक्षा और सम्वेदनशीलता सबसे प्रमुख थी।
ये सम्वेदनशीलता सिर्फ पुलिस बिभाग और न्यायालय तक सीमित न होकर सामाजिक रूप से भी आवश्यकता की बात कही।

दीप प्रज्ज्वलन ,मां सरस्वती की पूजन उपरांत ,अतिथियों का पुष्य मालाओं से स्वागत जिला न्यायाधीश जाकिर हुसैन जी, मुख्य न्यायाधीश श्रीमती अपर्णा राजेश शर्मा,श्री जी सी शर्मा रायसेन के जिला जज श्री सुहाने जी तथा न्यास के पदाधिकारियों ने किया।गोष्ठी के प्रारंभ में अतिथि परिचय एवं मंच संचालन गोविन्द देवलिया ने किया।
न्यास परिचय चक्रवर्ती जैन ने दिया,विषय प्रस्तावना बसन्त महेध्वरी ने प्रस्तुत की। न्यायाधिपति श्री माहेश्वरी जी का सम्मान पत्र का वाचन श्री अनुभव जैन ने किया,मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत का सम्मान पत्र अतुल शाह ने पढ़ा और न्यायमूर्ति श्री आनंद पाठक जी का सम्मान पत्र संजय ने वाचन किया।

कार्यक्रम में विदिशा के वरिष्ठ अभिभाषक गण श्री सुरेश चन्द जैन, के.जी. कटारे, तुलसीराम मैना, देवेंद्र श्रीवास्तव रमेश शर्मा,कैलाश माहेश्वरी तथा बासौदा के मदनमोहन तिवारी, सत्यकुमार शर्मा, महेन्द तोमर डी पी श्रीवास्तव, एवम लटेरी के कृष्णमोहन शर्मा, कैलाश नारायण सक्सेना, कुरवाई के कदीर पठान आदि को 50 वर्ष से अधिक विधि व्यवसाय में सलंग्न होने पर सम्मानित किया गया।


राजकुमार जैन स्मृति ट्रस्ट के अध्यक्ष डोंगर सिंह , सचिव गोविंद देवलिया ,उपाध्यक्ष बसंत महेश्वरी, कोषाध्यक्ष जी के महेश्वरी ,एवं सह सचिव चक्रवर्ती जैन सहित नगर के प्रबुद्ध जन श्री राघव जी ,डंडोतिया जी बकील, डॉ गर्ग प्रभु दयाल यादव,प्रकाश जोशी , मनमोहन बंसल , अतुल शाह आदि कार्यक्रम में उपस्थित थे।
कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर श्री रोशनकुमार सिंह,एस पी श्री काशवानी ,अतिरिक्त कलेक्टर श्री डामोर , एडिशनल एस पी डॉ प्रशांत चौबे आदि की विशिष्ट उपस्थिति थी।आभार प्रदर्शन के जी माहेश्वरी ने किया

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