Let’s travel together.

सरकारी दावे फेल: तीन दिन से बंद पड़ी खरीदी, सूनी मंडी में किसान बेहाल

0 60

अभिषेक असाटी बक्सवाहा

प्रदेश सरकार भले ही समर्थन मूल्य पर किसानों की उपज समय पर खरीदने और बेहतर व्यवस्थाएं देने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन छतरपुर जिले के बक्सवाहा में खरीदी व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ती नजर आ रही है। बक्सवाहा मंडी में पिछले तीन दिनों से खरीदी कार्य लगभग ठप पड़ा है। खरीदी केंद्रों पर ताले लटके हैं, जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी नदारद हैं और किसान भीषण गर्मी में अपनी उपज लेकर भटकने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार सेवा सहकारी समिति मर्यादित बक्सवाहा अंतर्गत संचालित बक्सवाहा, सैडारा और सुनवाहा खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन जमीनी हालात पूरी तरह बदहाल बने हुए हैं। मंडी परिसर में न समय पर खरीदी हो रही है और न ही किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि मंडी परिसर दिनभर सूना पड़ा रहता है। जहां किसानों की भीड़ और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें नजर आनी चाहिए थीं, वहां बंद पड़े केंद्र और पसरा सन्नाटा पूरी व्यवस्था की पोल खोल रहा है। किसानों का आरोप है कि गेहूं उपार्जन योजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी लगातार मंडी से गायब रहते हैं, जिसके कारण खरीदी कार्य प्रभावित हो रहा है।

भीषण गर्मी में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली और बोरी भर अनाज लेकर मंडी पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी खरीदी नहीं हो रही। परेशान किसानों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका डीजल, मजदूरी और पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। कई किसानों को बिना उपज तौलाए ही वापस लौटना पड़ रहा है।

किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल कागजों में खरीदी व्यवस्था सुचारू दिखाने में जुटे हैं, जबकि हकीकत में पूरी व्यवस्था चरमरा चुकी है। बक्सवाहा मंडी में पर्याप्त वारदाना उपलब्ध होने के बावजूद खरीदी केंद्र बंद पड़े रहने से किसानों में भारी नाराजगी है। मंडी में फैली अव्यवस्था और अधिकारियों की उदासीनता ने प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस संबंध में तहसीलदार भरत पांडे ने बताया कि बक्सवाहा मंडी का निरीक्षण किया गया है और वहां वारदाने की कमी पाई गई है। इस संबंध में कलेक्टर महोदय को अवगत करा दिया गया है तथा जल्द ही वारदाना उपलब्ध होते ही खरीदी कार्य पुनः प्रारंभ कराया जाएगा।

फिलहाल हालात यह हैं कि किसान परेशान हैं, मंडी सूनी पड़ी है और सरकारी दावे जमीन पर पूरी तरह फेल साबित होते नजर आ रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन किसानों की समस्या का समाधान कब तक कर पाता है या फिर खरीदी व्यवस्था यूं ही अव्यवस्थाओं के हवाले बनी रहेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

भारत की बेटियों ने जीती चैंपियनशिप, सीएम डॉ. यादव बोले- नया अध्याय लिखेगी यह सफलता     |     प्रीतम लोधी का यू-टर्न: रामबाबू गड़रिया वाले बयान पर जताया खेद, बोले- भावनाएं आहत हुईं तो माफी     |     सामूहिक दुष्कर्म मामले में सिलयारी चौकी प्रभारी निलंबित     |      मथुरा-वृंदावन एवं नैमिषारण्य तीर्थयात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना     |     आरंग कभी प्राचीन जैन मंदिरों का गढ़ रहा है,हजार साल से भी अधिक प्राचीन तीर्थंकर प्रतिमाओं के मुनियों ने किए दर्शन     |     द्वितीय अध्याय ‘काव्य कुंभ’::साहित्य और कला को समर्पित  गरिमामय आयोजन     |     विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर एनएचआईटी द्वारा वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन     |     वैश्विक शांति के लिए सकारात्मक पत्रकारिता समय की आवश्यकता : मधुकर द्विवेदी     |     जब लूटेरो को पकड़ने खुद लुटने पहुंची पुलिस तो पुलिस जाल में फंसे दो लुटेरे      |     वर्षों पुरानी समस्या का होगा समाधान, दीवानगंज रेलवे स्टेशन सेमरा मार्ग पर बन रही 230 मीटर लंबी नाली     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811