मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दिवाली की तैयारी शुरू हो गई है। रविवार को दीवानगंज हाट बाजार लाइटों से जगमग होने लगा है। दुकानों के बाहर लगा सामान ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। ग्राहक भी दीपावली की खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी झालर, कंडील, एलईडी बल्व सहित तरह-तरह का इलेक्ट्रॉनिक सामान दीपावली पर बिकने के लिए बाजार पूरी तरह सज चुका है। छोटे दुकानदार भी थोक में इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जा रहे हैं। इसके अलावा सजावटी सामान की भी जमकर बिक्री हो रही है। रविवार को दीवानगंज के हाट बाजार में कभी भीड़ रही। दिवाली पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। इसके चलते जाम के भी हालात बने रहे।

वही पटाखों की दुकान प्राथमिक कन्या शाला दीवानगंज के ग्राउंड में लगवाई गई, ताकि किसी प्रकार की कोई अनहोनी ना हो। जबकि अन्य समानों की दुकान मेन रोड पर लगाई गई।
त्योहारी सीजन में मूर्ति बाजार में मेड इन इंडिया का जलवा है। इस बार मेड इन चाइना की चमक फीकी नजर आ रही है। पिछले कई सालों से दिवाली पर देवी-देवताओं की मूर्तियों के बाजार में चीन का कब्जा था। अब अपने देश में बनी मूर्तियां ज्यादा दिखाई दे रही हैं। व्यापारियों ने कहा कि इस बार मूर्तियों के बाजार से चीन काफी हद तक गायब है। दुकानदारों द्वारा लोकल में बनी हुई मूर्तियां की मांग ज्यादा है। लोकल की बनी मूर्तियां खरीदारों को काफी पसंद आ रही हैं।

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी अधिक
दीवानगंज हाट बाजार में तीन से चार इंच की गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति सबसे कम दाम 50 रुपये में बिक रही थी मूर्ति विक्रेता प्रताप प्रजापति,बबलू प्रजापति, सोनू प्रजापति, गोलू प्रजापति, संतोष प्रजापति, बंटी प्रजापति
का कहना है कि अलग-अलग मूर्तियों और आकार के अनुरूप कीमत है। साथ ही अधिकांश मूर्ति स्वदेशी हैं, चाइना का माल नहीं है। दिवाली पर घरेलू साज-सज्जा के लिए बाजार में तरह-तरह के आर्टिफिशियल फूल आए हैं। जो विभिन्न रंगों में और कई प्रकार की डिजाइन में हैं। कई

फूल को असली को भी मात दे रहे हैं। इनमें गुलाब से लेकर विदेशी फूलों तक के गुच्छे हैं। इनकी कीमत 40 रुपये से लेकर 800 रुपये तक है।बाजार में रंगोली के डिजायन और सामग्री से लेकर दरवाजों पर लगने वाले स्टीकर भी बिक रहे हैं। वहीं आकर्षक डिजाइनों में आए हर साइज के झूमर लोगों को काफी भा रहे हैं। दो सौ रुपये से लेकर 500 तक में मिल रहा है।वही ग्रामीण अंचल में रहने वाले नागरिकों ने मिट्टी के बने देसी दियों की खूब खरीदारी की। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि उम्मीद से कम हाट बाजार में ग्राहक पहुंचे जिससे कम बिक्री हुई है।