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साल 2023 में धरती पर टूटा गर्मी का रिकॉर्ड, जनवरी 2024 को लेकर अलर्ट जारी !

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वाशिंगटनः यूरोपीय जलवायु एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि पृथ्वी पर पिछले साल वैश्विक वार्षिक गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया। वर्ष 2023 कितना गर्म रहा, इसकी गणना करने वाली विज्ञान एजेंसियों की कई टीम में से एक यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस ने कहा कि वह साल (2023) पूर्व-औद्योगिक समय से 1.48 डिग्री सेल्सियस (2.66 डिग्री फ़ारेनहाइट) अधिक गर्म रहा। यह 2015 के पेरिस जलवायु समझौते में तय की गई 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से मामूली रूप से नीचे है, जिसके भीतर रहकर दुनिया ने वैश्विक तापमान वृद्धि के सबसे गंभीर प्रभावों से बचने की उम्मीद थी। कॉपरनिकस की उपनिदेशक सामंथा बर्गेस ने कहा कि जनवरी 2024 इतना गर्म होने की राह पर है कि पहली बार 12 महीने की अवधि 1.5 डिग्री की सीमा को पार कर जाएगी।

वैज्ञानिकों ने बार-बार कहा है कि सीमा से ऊपर जाने के लिए पृथ्वी को दो या तीन दशकों में औसतन 1.5 डिग्री सेल्सियस गर्म होने की आवश्यकता होगी। बर्गेस ने कहा, “1.5 डिग्री के लक्ष्य को कायम रखना होगा, क्योंकि जीवन खतरे में है और विकल्प चुनना होगा। ये विकल्प आप पर और मुझ पर प्रभाव नहीं डालते हैं, लेकिन वे हमारे बच्चों और हमारे पोते-पोतियों पर प्रभाव डालते हैं।” पिछले साल रिकॉर्ड गर्मी ने यूरोप, उत्तरी अमेरिका, चीन और कई अन्य स्थानों पर जीवन को दयनीय तथा कई बार घातक बना दिया था। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक प्रतिकूल मौसमी घटनाओं के लिए गर्म होती जलवायु भी जिम्मेदार है, जैसे लंबा सूखा जिसने ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ को तबाह कर दिया, मूसलाधार बारिश जिसने बांधों को नष्ट कर दिया और लीबिया में हजारों लोगों की जान ले ली तथा कनाडा में जंगल की आग ने उत्तरी अमेरिका से यूरोप तक की हवा को खराब कर दिया।

पहली बार, दिसंबर में वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता के लिए देशों की बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दुनिया को जलवायु परिवर्तन का कारण बनने वाले जीवाश्म ईंधन से दूर जाने की जरूरत है, लेकिन उन्होंने ऐसा करने के लिए कोई ठोस आवश्यकता निर्धारित नहीं की है। कॉपरनिकस ने गणना की कि 2023 के लिए वैश्विक औसत तापमान 2016 में स्थापित पुराने रिकॉर्ड की तुलना में एक डिग्री सेल्सियस (0.3 डिग्री फ़ारेनहाइट) का लगभग छठा हिस्सा अधिक था। बर्गेस ने कहा कि हालांकि वैश्विक रिकॉर्ड में यह एक छोटी मात्रा लगती है, लेकिन नए रिकॉर्ड के लिए यह असाधारण रूप से बड़ा अंतर है।

कॉपरनिकस की गणना के अनुसार, 2023 के लिए पृथ्वी का औसत तापमान 14.98 डिग्री सेल्सियस (58.96 डिग्री फ़ारेनहाइट) था। बर्गेस ने कहा, “यह सात महीनों के लिए रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हमने देखा कि जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर सर्वाधिक गर्म रहे। यह सिर्फ एक सत्र या एक महीना नहीं था, जो असाधारण था, बल्कि यह आधे से अधिक वर्ष के लिए असाधारण था।” उन्होंने कहा कि ऐसे कई कारक हैं जिन्होंने 2023 को रिकॉर्ड में सबसे गर्म वर्ष बना दिया, लेकिन अब तक का सबसे बड़ा कारक वातावरण में ग्रीनहाउस गैस की लगातार बढ़ती मात्रा है।

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