इंदौर। मालवा क्षेत्र में वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं को अब तेज गति से पूरा किया जाएगा। इसके लिए पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिमाह निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही पश्चिम रेलवे के चीफ इंजीनियर को इंदौर पदस्थ किया गया है, जो करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को गति देंगे। अब तक सभी रेल परियोजनाओं का काम डिप्टी चीफ इंजीनियर की निगरानी में हो रहा था।
इंदौर रेलवे स्टेशन के नवनिर्माण के साथ ही आसपास चल रही रेल परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए पश्चिम रेलवे के मुंबई मुख्यालय में बैठने वाले चीफ इंजीनियर धीरज कुमार को इंदौर पदस्थ किया गया है। इंदौर के आसपास एकसाथ कई रेल परियोजनाओं के कार्य शुरू हो चुके हैं। रेलवे ने इनके पूरा होने की समयसीमा तय कर दी है। कई योजनाएं वर्षों से लंबित हैं या धीमी गति से चल रही हैं।
इन परियोजनाओं पर रहेगा फोकस
– बरलई से लक्ष्मीबाई नगर रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। यह काम सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
– राऊ-महू दोहरीकरण का काम शुरू हो चुका है। राऊ के आगे अर्थवर्क किया जा चुका है। पुल-पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है।
– इंदौर-दाहोद रेल परियोजना लंबे समय से अटकी हुई है। रेलवे ने जून 2024 तक इंदौर और धार के बीच रेल चलाने का की समयसीमा तय की है। अर्थवर्क के अलावा पीथमपुर सुरंग का काम शुरू हो चुका है।
– महू-सनावद के बीच ब्राडगेज लाइन बिछाना है। इसके लिए सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब जमीन अधिग्रहण के साथ ही अन्य प्रक्रिया की जाएगी।
– इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य शुरू होना है। इसके अलावा फतेहाबाद-उज्जैन के बीच भी रेल लाइन का दोहरीकरण होगा।
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