-कांग्रेस और बजरंग दल ने महिला बाल विकास अधिकारी को निलंबित करने की मांग की
रायसेन ।शहर के वार्ड क्रमांक 3 फर्स्ट की आंगनवाड़ी केंद्र में परोसे जाने वाले मध्यान भोजन में मांस का टुकड़ा निकलने से बच्चों के पालको द्वारा विरोध जताया ।वही बच्चे भी आंगनवाड़ी छोड़ कर घर चले गए।
इस मामले में हिन्दू संगठनो ने मामले को गंभीरता से लिया है।उनका मानना है कि मंगलवार का दिन हनुमानजी का पवित्र दिन है इस दिन आँगनबाडियो में खाने का मीनू खीर पूड़ी रहता है लेकिन इस पवित्र दिन मांस परोसा गया। इससे हिदू धर्मावलम्बी समुदाय की भावना आहत हुई है।

कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि महिला बाल विकास के अधिकारी नए साल के जश्न में डूबे थे मदिरा मांस की पार्टी हुई उसी का बचा मांस बच्चो को परोसा गया।इस मामले में उन्होंने महिला बाल विकास अधिकारी को निलंबित करने की मांग की है।

इस बात की सूचना लगते ही एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर पंचनामा बनाया इस आंगनवाड़ी केंद्र में मां भवानी समूह द्वारा भोजन पहुंचाया जाता है जब आज भोजन पहुंचा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जैसे ही बच्चों को भोजन परोसा तो उसमें मांस का टुकड़ा निकला इससे बच्चों को भोजन नहीं बांटा गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तरन्नुम ने बताया कि मां भवानी समूह द्वारा भोजन पहुंचाया जाता है आज भोजन में कुछ मांस का टुकड़ा निकला है इसको देखते हुए आधे बच्चों को ही भोजन परोसा गया इस बात से सुपरवाइजर को अवगत करा दिया है।

आज मीनू के अनुसार भेजी जानी थी खीरपुरी
आंगनबाड़ी केंद्रों में जो मीनू चार्ट लगा है उसके अनुसार आज खीरपुरी भेजा जाना तय रहता है पर शहर की वार्ड क्रमांक 3 आंगनवाड़ी केंद्र मैं खीर पुरी की जगह जो सब्जी भेजी गई थी उसमें मांस का टुकड़ा निकलने से हड़कंप मच गया वही बच्चे खाना छोड़ कर घर वापस चले गए।
अब सबाल यह उठता है कि रायसेन जिला मुख्यालय पर महिला बाल बिकास विभाग द्वारा संचालित आँगनबाडीओ की यह दशा है तो जिले में आँगनबाडीओ के क्या हाल होंगे।जिला कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज अग्रवाल एवं बजरंग दल के नेता राहुल परमार ने आंगनबाड़ी में मांस परोसे जाने की घटना पर महिला बाल विकास अधिकारी को निलंबित कर मामले के जांच की मांग की है।
उल्लेखनीय है रायसेन का महिला बाल विकास विभाग हमेशा सुर्ख़ियो में रहा है। महिला बाल विकास अधिकारी न तो फील्ड में कभी जाते है ओर न आफिस में बैठे मिलते है।पिछले दिनों ही इसी विभाग के पोषक गोहरगंज ले एक बालगृह में धर्मांतरण का मामला सामने आया था लेकिन अभी तक कारवाही के नाम पर अधिकारी पर्दा डालने में लगे है।न कोई कार्यवाही न कोई जांच।ऐसे में सरकार की मंशा पर ही महिला बाल विकास अधिकारी पानीफेरने में लगे है।