रायसेन। न्याायालय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जिला रायसेन द्वारा आरोपी- सिकंदर कुचबंदिया आत्मज बदन सिंह कुचबंदिया, आयु करीब 41 वर्ष, निवासी- वार्ड नं. 18, चौपड़ा मोहल्ला, रायसेन, जिला रायसेन म.प्र. को बीएनएस. की धारा 109 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
इस मामले में विधिक अभिमत अनिल कुमार मिश्रा, उपनिदेशक अभियोजन रायसेन द्वारा दिया गया। उक्त प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से लखन सिंह ठाकुर, अपर लोक अभियोजक, रायसेन ने पैरवी की।
फरियादी अभिषेक कुचबंदिया ने दिनांक 28 जून 25को रात्रि पुलिस थाना रायसेन पर इस आशय की देहाती नालसी लेखबद्ध कराई कि दिनांक 28 जून25 को रात्रि करीब 08:30 बजे जब वह घर के अंदर था और उसकी नानी शारदा दहलान में खाना बना रही थी एवं उसकी बहिन कल्ली, नानी शारदा के साथ बैठी थी तभी बहिन कल्ली के चिल्ला ने की आवाज आने पर फरियादी अभिषेक ने बाहर जाकर देखा तो उसकी नानी को आरोपी सिकंदर कुचबंदिया ने पुरानी रंजिश पर से हाथ में रखी लोहे की कुल्हाड़ी से शारदा को जान से मारने की नियत से प्राणघातक हमला कर सिर में बांये तरफ एवं दोनों पैरों में गंभीर चोट पहुंचायी और मारपीट के बाद सिकंदर कुल्हाड़ी लेकर भाग गया। फरियादी अभिषेक सहित कल्ली, संगीता एवं सुहानी द्वारा घटना देखी गयी एवं अभिषेक अपनी नानी आहत शारदा को उपचार हेतु शासकीय अस्पताल रायसेन लेकर गया, जहां से पीडि़ता को गंभीर चोटें होने से हमीदिया अस्पीताल भोपाल उपचार हेतु रेफर किया गया। फरियादी अभिषेक की उक्त देहाती नालसी पर असल अपराध क्रमांक 381/25 धारा 109 बीएनएस के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कर अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान प्रांरभ किया गया।
पुलिस द्वारा आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन की समस्त दलीलों एवं साक्ष्यों को सुनते हुए आरोपी को 10 वर्ष की सजा सुनाई।
न्यूज सोर्स -श्रीमती अखलेश शर्मा मीडिया प्रभारीजिला रायसेन