नाबालिग बालिका को भगाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा अर्थदण्ड से किया गया दंडित
रायसेन। गौहरगंज न्यायालय द्वारा एक नाबालिग बालिका को भगाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, तहसील गौहरगंज, जिला रायसेन द्वारा आरोपी शिवचरण उर्फ पप्पू निवासी ग्राम सेमरी सुल्तानपुर जिला रायसेन को पुलिस थाना सुल्तानपुर के मामले में दोषी पाते हुए आरोपी को धारा 376(2)n भादवि में 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 6000/- रूपये अर्थदण्डे एवं धारा 363 एवं 366 भादवि में भी दोषी पाते हुए क्रमश: 03 वर्ष एवं 05 माह का कठोर कारावास से दण्डित किया गया ।
इस मामले में मध्य प्रदेश राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री अनिल कुमार तिवारी, तहसील गौहरगंज जिला रायसेन ने पैरवी की।
घटना के अनुसार 06 अक्टूबर 2018 को थाना सुल्तानपुर, जिला रायसेन में अभियोक्त्री के पिता द्वारा अपनी अवयस्क पुत्री अभियोक्त्री के गुम हो जाने की इस आशय की सूचना दी गई कि 4 अक्टूबर 18 गुरुवार को रात्रि करीब 10 बजे तक वह परिवार सहित खाना खाकर सो गया था, रात्रि में करीब 12 बजे उसकी नींद खुली तो उसने देखा कि उसकी बडी लडकी अपने बिस्तर पर नहीं थी। उसने अपनी पत्नी व परिवार वालों को उठाकर बताया कि लडकी नहीं दिख रही है, उसने व उसके परिवार वालों ने आस-पास गांव में व रिश्तेदारों में तलाश व पता किया, जिसका कोई पता नहीं चला, एक लडका पप्पू उर्फ शिवचरण भी उसी दिन से उसके घर पर नहीं है, उसे अभियोक्त्री को पप्पू उर्फ शिवचरण पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने की शंका है। अभियोक्त्री के पिता की उक्त सूचना पर थाना सुल्तानपुर में गुम इंसान सूचना लेख की गई एवं अपराध धारा 363 भा.दं.सं. की परिधि में आने से अपराध क्रमांक 251/2018 पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई।
अनुसंधान के दौरान 28 नवम्बर 2019 को अभियोक्त्री, अभियुक्त के साथ थाना सुल्तानपुर पर उपस्थित हुयी। अभियोक्त्री ने पूछताछ में बताया कि वह शिवचरण उर्फ पप्पू को करीबन 4-5 साल से जानती है। शिवचरण उसे पसंद करता था और कहता था कि वह उससे प्यार करता है, तो वह भी उसे प्यार करने लगी। शिवचरण ने कहता था कि वह उससे शादी करना चाहता है। दिनांक 03/09/2018 को दिन उसकी शिवचरण से बात हुई, उसने बोला घर वाले उसे परेशान करते हैं और उसकी शादी किसी और से करना चाहते हैं, शिवचरण ने उससे कहा चलो शादी कर लेते हैं। फिर रात रीब 12-01 बजे वह घर से बाहर सड़क पर आई, जहां उसे शिवचरण मिला और फिर वह उसके साथ भोपाल में रही, जहां उसने मंदिर में शादी की और उसे अपनी पत्नी बनाकर रखा।
अनुसंधान पूर्ण कर पुलिस ने अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया । न्यायालय में सुनवायी के दौरान गवाहों के बयान वैज्ञानिक चिकित्सीय साक्ष्य से अभियुक्त को संदेह से परे मामला प्रमाणित पाते हुए सभी आरोपों में सिद्धदोष पाया गया।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने पक्ष रखते हुए मामले को संदेह से परे प्रमाणित कराया। फलस्वरूप न्यायालय ने आरोपी को उपरोक्त धाराओं में दोषी पाते हुए दंडित किए जाने का आदेश सुनाया।
न्यूज सोर्स-श्रीमती शारदा शाक्य
मीडिया प्रभारी जिला रायसेन