बालमपुर चौराहे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल मवेशी की मौत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर मवेशियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बारिश के दौरान पिछले करीब दो महीने में हाईवे के 15 किलोमीटर के दायरे में सड़क हादसों में 40 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है।बालमपुर चौराहे पर एक अज्ञात वाहन ने छोटे मवेशी को जोरदार टक्कर मार दी। उसकी घटनास्थल पर मौत हो गई।
लगातार हो रहे हादसों से पशुपालकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे पर निराश्रित मवेशियों की बढ़ती संख्या और प्रशासन की उदासीनता के कारण बेजुबान पशु आए दिन वाहनों की चपेट में आ रहे हैं।
बालमपुर घाटी के नीचे भी वाहन ने मवेशी को मारी टक्कर
दो दिन पहले ही बालमपुर घाटी के नीचे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर मौजूद एक मवेशी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मवेशी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वाहन चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार बालमपुर चौराहा, फैक्ट्री चौराहा, दीवानगंज और एयरफोर्स कैंप क्षेत्र सहित हाईवे के अलग-अलग हिस्सों में पिछले दो महीने में 40 से अधिक मवेशी सड़क हादसों का शिकार हो चुके हैं। रात में दृश्यता कम होने और सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण हादसों का खतरा और बढ़ जाता है।
चार गौशालाएं, फिर भी हाईवे पर घूम रहे मवेशी
दीवानगंज क्षेत्र के करीब 10 किलोमीटर के दायरे में चार गौशालाएं संचालित या निर्माणाधीन हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशी हाईवे पर घूमते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन पशुओं को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए तो हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
क्षेत्र में भारतीपुर गौशाला संचालित हो रही है, जबकि सेमरा गौशाला बनकर तैयार है। वहीं गीदगढ़ गौशाला बिजली और पानी की सुविधा के अभाव में उपयोग में नहीं आ पा रही है। बालमपुर गौशाला का निर्माण अभी जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि उपलब्ध व्यवस्थाओं का प्रभावी उपयोग नहीं होने के कारण मवेशी सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं।
वाहन चालकों के लिए भी बना गंभीर खतरा
हाईवे पर बैठे मवेशी केवल खुद ही हादसों का शिकार नहीं हो रहे, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। अचानक सामने मवेशी आने पर वाहन चालक नियंत्रण खो सकते हैं। इससे बड़े वाहन पलटने और जनहानि होने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से हाईवे पर घूम रहे निराश्रित मवेशियों को तत्काल गौशालाओं में पहुंचाने, अधूरी गौशालाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने और गीदगढ़ गौशाला में बिजली-पानी की व्यवस्था करने की मांग की है।
इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाने, रात्रि गश्त बढ़ाने और सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को हटाने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के दौरान बेजुबान पशुओं की मौत का सिलसिला और बढ़ सकता है। साथ ही हाईवे पर किसी दिन बड़ा हादसा होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इनका कहना हे
दीवानगंज के आसपास ग्रामीण क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे में चार गौशालाओं पर सरकार ने 151 लाख रुपए खर्च किए हैं इसके बावजूद भी मवेशियों को ठिकाना नहीं मिल पाया है। रोजाना हाईवे 18 पर मवेशियों की मौत सामने आ रही है। कई जगह तो मवेशी तीन से चार दिन मृत अवस्था में रोड पर पड़े रहते हैं जिससे बदबू आती है। राहगीर और आसपास के ग्रामीण बदबू से परेशान है। विभाग को उचित कदम उठाना चाहिए। जिससे मवेशी रोड पर ना बैठे।
नरेंद्र पाल राघव समाज सेवक