16 करोड़ के विदेशी इंजेक्शन से ही बचेगी जान, पिता ने लगाई भावुक गुहार
QR कोड और UPI के जरिए कर सकते हैं मदद, एक छोटा सहयोग देगा जीवनदान
रंजीत गुप्ता शिवपुरी/ग्वालियर
ग्वालियर की नन्ही बिटिया नीलाक्षी आज एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। उसे SMA (Spinal Muscular Atrophy) Type-2 है, जो एक आनुवंशिक बीमारी है। इसमें शरीर की नर्व कोशिकाएं धीरे-धीरे कमजोर और नष्ट हो जाती हैं, जिससे मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और बच्चा खड़े होने, बैठने और चलने में भी असहाय हो जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार इस बीमारी का इलाज भारत में संभव नहीं है। इसका एकमात्र इलाज विदेश से मंगाया जाने वाला विशेष इंजेक्शन है, जिसकी कीमत लगभग 16 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी राशि जुटाना एक सामान्य परिवार के लिए असंभव है।
नीलाक्षी के पिता सौरभ भार्गव ने अपनी बेटी के जीवन को बचाने के लिए सभी से मदद की अपील की है। उनका कहना है कि नन्ही सी जान को बचाने के लिए समाज के सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत है। परिवार ने इलाज के लिए क्राउड फंडिंग का सहारा लिया है।
सहयोग के लिए QR कोड और UPI ID – *Supportneelak6750@cashfreensdlpb* जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार राशि दान कर सकता है। अपील के साथ मेडिकल दस्तावेज भी साझा किए गए हैं ताकि लोग पूरी जानकारी के साथ मदद कर सकें।
पिता सौरभ भार्गव ने कहा, “नन्ही सी जान को दें जीवनदान”। उन्होंने आम लोगों, समाजसेवी संस्थाओं और सक्षम लोगों से आगे आकर मदद करने की गुहार लगाई है। समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्ची की हालत लगातार बिगड़ सकती है। आपका छोटा सा सहयोग भी नन्ही नीलाक्षी के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। सौरभ भार्गव (पिता), मो. 7000462035