Let’s travel together.

दीवानगंज अस्पताल में 16 माह से नहीं हुआ एक भी पोस्टमार्टम

0 6

मर्चुरी रूम नहीं होने से 40-45 गांवों के लोग परेशान, शव लेकर 25 किमी सांची या 31 किमी रायसेन जाना मजबूरी

मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

सांची विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज में मर्चुरी रूम नहीं होने के कारण आसपास के 40 से 45 गांवों के ग्रामीणों को मौत के बाद भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटना या अन्य घटनाओं में मौत होने पर शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को करीब 25 किलोमीटर दूर सांची अथवा 31 किलोमीटर दूर रायसेन ले जाना पड़ता है। हालात यह हैं कि पिछले 16 महीनों में दीवानगंज अस्पताल में एक भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।

दीवानगंज से भोपाल-विदिशा हाईवे-18 गुजरता है, जिस पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इसके अलावा रेलवे लाइन और रेलवे स्टेशन भी दीवानगंज से होकर गुजरते हैं, जहां दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। किसी हादसे में मौत होने पर स्थानीय स्तर पर शव रखने और पोस्टमार्टम की सुविधा नहीं होने से पुलिस और परिजनों को शव लेकर दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

रात में शव रखना भी बड़ी चुनौती

ग्रामीणों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद यदि रात के समय शव को सुरक्षित रखना हो तो उसे सांची या रायसेन ले जाना पड़ता है। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में समय लगने से कई बार अंतिम संस्कार अगले दिन तक टल जाता है। इससे परिजनों को मानसिक परेशानी के साथ ही अतिरिक्त वाहन खर्च और समय भी गंवाना पड़ता है।

हाईवे और रेलवे दुर्घटनाओं को देखते हुए जरूरी सुविधा

भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर लगातार बढ़ रहे यातायात और दुर्घटनाओं को देखते हुए ग्रामीण लंबे समय से दीवानगंज अस्पताल में मर्चुरी रूम और पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दीवानगंज में यह सुविधा शुरू होने से आसपास के करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और शवों को दूर ले जाने की मजबूरी खत्म होगी।

40-45 गांवों को मिलेगा फायदा

दीवानगंज सरपंच गिरजेश नायक ने कहा कि अस्पताल में मर्चुरी रूम नहीं होने से 40 से 45 गांवों के ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मर्चुरी रूम बन जाने से लोगों को शव लेकर इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और समय व पैसा दोनों बचेंगे।

ग्रामीण मुकेश साहू ने कहा कि हाईवे पर रोजाना दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है। हादसे में मौत होने पर शव को सांची या रायसेन ले जाना पड़ता है। यदि दीवानगंज अस्पताल में मर्चुरी रूम बन जाए और पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू हो, तो क्षेत्र के कई गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द मर्चुरी रूम का निर्माण कर पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू की जाए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

ट्रक की टक्कर से बिजली केबल टूटी, हाईवे पर गिरी चालू लाइन; एक घंटे तक तार के ऊपर से गुजरते रहे वाहन     |     बंदरों के आतंक से स्कूल में सहमे बच्चे, छत की सीमेंट चादर-कवेलू तक फोड़ रहे बंदर     |     बारिश थमी, फिर भी नहीं भरे हाईवे-18 के गड्ढे, एक सप्ताह में 3 बड़े हादसे     |     दीवानगंज अस्पताल में 16 माह से नहीं हुआ एक भी पोस्टमार्टम     |     पत्नी के मायके में रहने से परेशान था युवक? 24 वर्षीय भागीरथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत     |     बेगमगंज तहसील कार्यालय में घुसा सांड खा गया फाइलें     |     विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली सेवा ज्योति कलश यात्रा     |     आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में सामिल हुए नितिन गौरीशंकर अग्रवाल     |     रायपुर के माटीपुत्र स्व. पंकज शर्मा ने अल्पायु में रचा पत्रकारिता का अमर इतिहास     |     गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने गौ सम्मान के राज्य प्रचारक किशन गिरी महाराज पहुंचे तिल्दा     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811