मौत के गड्ढों में तब्दील हुआ भोपाल-विदिशा हाईवे, रोजाना हादसों का शिकार हो रहे वाहन चालक; 12 माह में 200 हादसों में 38 मौतों का दावा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
बारिश का मौसम समाप्त हो चुका है और क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से बारिश नहीं हुई है, इसके बावजूद भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर एमपीआरडीसी ने सड़क पर बने गहरे गड्ढों की मरम्मत शुरू नहीं की है। हाईवे पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढे अब वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक सप्ताह में करीब 5 किलोमीटर के दायरे में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
कुलहड़िया मोड़ के समीप गड्ढे से बचने के प्रयास में एक लोडिंग बोलेरो पिकअप अनियंत्रित होकर करीब 10 फीट गहरी खाई में जा गिरी। वहीं फॉल्कन गार्डन के सामने एक 407 वाहन भी अनियंत्रित होकर पुलिया के नीचे उतर गया। इन हादसों के अलावा मोटरसाइकिल सवार भी रोजाना सड़क के गड्ढों से बचने के दौरान अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं।

पुरानी चौकी के सामने धंस रहा बाइक का पूरा पहिया
दीवानगंज की पुरानी चौकी के सामने हाईवे पर बना गड्ढा बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार गड्ढा इतना गहरा है कि उसमें मोटरसाइकिल का पूरा पहिया तक धंस जाता है। इसके चलते अब तक करीब पांच मोटरसाइकिल चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद इस गड्ढे को भरने के लिए जिम्मेदार एजेंसी की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
कुलहड़िया से बालमपुर तक सड़क पर गहरे गड्ढे
कुलहड़िया गांव से लेकर बालमपुर घाटी के ऊपर और नीचे तक हाईवे पर कई स्थानों पर बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बालमपुर घाटी में सड़क का एक हिस्सा भी बैठ गया है। तेज रफ्तार वाहन इस स्थान से गुजरते समय अनियंत्रित हो रहे हैं। घाटी में पहले से ही हादसों का खतरा बना रहता है, ऐसे में सड़क धंसने और गड्ढों ने परेशानी और बढ़ा दी है।
छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ी सुरक्षा रेलिंग
बालमपुर घाटी के दोनों ओर लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग भी करीब छह माह से क्षतिग्रस्त पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद रेलिंग को दुरुस्त नहीं किया गया। घाटी में यदि कोई भारी वाहन अनियंत्रित होता है तो क्षतिग्रस्त रेलिंग के कारण वाहन के खाई में गिरने का खतरा और बढ़ जाता है।
टोल वसूली जारी, सड़क मरम्मत पर सवाल
वाहन चालकों और ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे से लगातार टोल वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क की नियमित मरम्मत और रखरखाव को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। लोगों का सवाल है कि जब बारिश बंद हुए करीब 20 दिन हो चुके हैं तो गड्ढों को भरने का काम अब तक क्यों शुरू नहीं किया गया।

12 महीने में 200 हादसे, 38 मौतों का दावा
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले 12 महीनों में भोपाल-विदिशा हाईवे-18 के इस मार्ग पर छोटी-बड़ी करीब 200 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें करीब 38 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों में नाराजगी बढ़ रही है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने एमपीआरडीसी तथा प्रशासन से हाईवे-18 के गड्ढों को तत्काल भरने, धंसी सड़क की मरम्मत करने और बालमपुर घाटी की क्षतिग्रस्त सुरक्षा रेलिंग को दोबारा स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क सुधार का काम शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।