समाधि स्थल महादेव घांट पर होगी भजनांजलि
सुरेंद्र जैन धरसींवा
धरसीवा के छोटे से गांव बरबंदा में जन्म लेकर समाज सेवा ओर अध्यात्म के क्षेत्र में क्षेत्र का नाम प्रदेश ही नहीं अपितु पूरे संसार में गौरांवित करने वाले स्वामी आत्मानंद जी की 37 वी पुण्यतिथि उनकी जन्म भूमि बरबंदा एवं समाधिस्थल रायपुर के महादेव घांट में 27 अगस्त को मनाई जाएगी जहां भजनांजलि के माध्यम से उन्हें श्रद्धा के पुष्प चढ़ाए जायेंगे।
स्वामी आत्मानंद का जन्म 6 अक्टूबर 1929 को धरसीवा जनपद पंचायत क्षेत्र की छोटी सी ग्राम पंचायत बरबंदा में हुआ था एवं 27 अगस्त 1989 को उनका देवलोक गमन हुआ।
रामकृष्ण मिशन के महान संत थे स्वामी आत्मानंद
धरसीवा के बरबंदा में जन्मे स्वामी आत्मानंद जी श्री रामकृष्ण मिशन के एक महान संत व समाज सुधारक और शिक्षाविद् थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव सेवा, शिक्षा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
महान संत का जीवन ओर बचपन का नाम
महान संत स्वामी आत्मानंद जी जिनके नाम से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत की उनका जन्म 6 अक्टूबर 1929 को छत्तीसगढ़ प्रान्त के रायपुर जिला अंतर्गत धरसीवा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरबंदा गांव में हुआ था उनके बचपन का नाम तुलेंद्र सिंह वर्मा था उन्होंने गणित विषय में एमएससी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की और यूपीएससी (IAS) की परीक्षा भी अच्छे अंकों से पास की, लेकिन देश और समाज की सेवा के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी नहीं ली।
महात्मा गांधी ओर स्वामी विवेकानंद जी से हुए प्रभावित
महान संत समाज सुधारक स्वामी आत्मानंद जी महात्मा गांधी जी के विचारों और स्वामी विवेकानंद जी की विचारधारा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने गृह त्याग कर दिया और 1960 में संन्यास लेकर स्वामी आत्मानंद के रूप में उन्होंने देश ओर समाज की सेवा का पुनीत कार्य करने में ही अपना जीवन समर्पित किया उन्होंने अपने जीवन में नारायणपुर आश्रम की स्थापना: आदिवासी बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा देने के लिए उन्होंने बस्तर के नारायणपुर में आश्रम और शिक्षा केंद्र की नींव रखी।उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों, उनकी कृषि सुधार, पेयजल और चिकित्सा के लिए अभूतपूर्व कार्य किए।
जन जागरूकता को किया पत्रिका का प्रकाशन
उन्होंने जन जन को जागरूक करने सत्य से जनता को अवगत कराने हिंदी त्रैमासिक पत्रिका ‘विवेक ज्योति’ का प्रकाशन भी शुरू किया, जिसके माध्यम से आध्यात्मिक और नैतिक विचारों को उन्होंने जन जन तक पहुंचाया
पूर्ववर्ती सरकार ने की स्कूलों की स्थापना
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने उनकी स्मृति और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए उनके नाम पर ‘स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल’ योजना शुरू की जिसके तहत राज्य में उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन हुआ

महादेव घाट पर भजनांजलि
आध्यात्मिक जगत के प्रेरणास्रोत परम पूज्य स्वामी आत्मानन्द जी महाराज की पुण्यतिथि 27 अगस्त 2026 को महादेव घाट स्थित उनके समाधि-स्थल पर श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी।
स्वामी आत्मानन्द स्मृति न्यास, रायपुर द्वारा आयोजित इस विशेष अवसर पर “भजनांजलि” कार्यक्रम सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगा। इस दौरान संत-महात्मा, श्रद्धालु और शहर के गणमान्य लोग एकत्र होकर स्वामी जी के उपदेशों, भजनों और सेवा भाव को स्मरण करेंगे।
न्यास के सचिव बुलाकी राम वर्मा ने बताया कि स्वामी आत्मानन्द जी महाराज ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा, आध्यात्म और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके विचार आज भी लाखों लोगों को सही मार्ग दिखाते हैं।
न्यास के सचिव बुलाकी वर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर स्वामी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करें।