मेरा भाजपा से कोई वास्ता नहीं है सिवाय इसके कि मैं राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बीजेपी का समर्थन करता हूँ और विंध्य क्षेत्र से जुड़ा हूँ ।ये डिस्क्लेमर इसलिए है कि आप मुझे बीजेपी या हिमाद्री सिंह का कार्यकर्ता ना समझ लें ।
तो मुद्दे की बात ये है कि कुछ दिन पहले मैंने फेसबुकिया पोस्टों में पढ़ा कि शहडोल का विकास एकदम से रुक गया है और सांसद , विधायक इसकी मुख्य वजह हैं । गोया मैंने थोड़ा इन्वेस्टीगेशन किया । दिल्ली भोपाल आना – जाना भी लगा रहता है ।
कुछ दिनों तक जब मैंने खोजबीन कि तो पता चला कि कोविड के समय में जिन रेलवे स्टेशनो में ट्रेन के स्टॉपेज बंद हुए थे, उनकी बहाली में बहुत पेंच हैं । बड़े बड़े सूरमा सांसद भी ये काम ना करा पाये। इसलिए शहडोल लोकसभा में भी इसका असर हुआ तो कोई बड़ी बात नहीं है। सरकार मानती है कि हर ट्रेन , हर स्टेशन में नहीं रुकेगी और ट्रेन की स्पीड बढ़ाना है तो स्टॉप कम करना पड़ेगा ।
दूसरा आज ही मैं नोएडा से 40 km का सफ़र करके निजामुद्दीन स्टेशन से शहडोल की ट्रेन पकड़ रहा हूँ तो आप भी मान लो कि 10-15 km में स्टॉपेज की लड़ाई करना ठीक नहीं है।
हालाँकि सांसद जी के प्रयास से बहुत सारे स्टॉपज बहाल हो गए हैं ।वेंकटनगर को नर्मदा एक्सप्रेस का स्टॉप मिला और ब्याज में उत्कल एक्सप्रेस का भी । कुछ नये स्टॉपेज भी मिल गए है तो जानकारी यह भी है कि कुछ होने वाले हैं ।
शहडोल से नागपुर ट्रेन चलना बहुत बड़ी उपलब्धि है क्यूँकि अंबिकापुर एक टर्मिनस स्टेशन है पर आज तक नागपुर के लिए ट्रेन नहीं मिली ।अंबिकापुर – निजामुद्दीन ट्रेन धीरे धीरे डेली हो जाएगी ।
अंबिकापुर से मुंबई वाया कटनी के लिए सांसद जी ने बहुत अच्छा तर्क दिया है और मुंबई से ऐक्सेप्टेंस मिलते ही ट्रेन चलेगी ।
हिमाद्री सिंह बिलासपुर – चेन्नई ट्रेन को शहडोल तक खींचना चाहती हैं ।मेरा निवेदन है उसे या तो अंबिकापुर तक जाने दें या कटनी तक खींच दें ।हो सकता है कि कुछ लोग वीडी शर्मा या सरगुजा सांसद को क्रेडिट दे दें ।
पर क्रेडिट का क्या है , कोई भी ले ले काम होना चाहिए ( जैसा की वो कहती हैं ) ।वो इस कार्यकाल में रेल मंत्री से कई दफा मिली है. माँग पत्र में नई रेल लाइन बिछाने की मांग रखी तो साथ ही उसकी वाइबिलिटी जांचने का आग्रह भी किया है।
तो आगे की बात ये है कि मेरा हिमाद्रि सिंह जी से पहली बार मिलना अभी दिल्ली में हुआ । मुद्दा था अमरकंटक के ट्राइबल रेजिडेंशियल स्कूल को हायर सेकेंडरी तक अपग्रेड करना ।
पहले लगा कि ये काम हो जाएगा । धीरे – धीरे ये असंभव लगने लगा ।ख़ास कर जब शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र हो गया ।काम होना असंभव ही था तभी पालक संघ के लोगो की हिमाद्री सिंह से बात हुई तो उन्होंने बेहद गंभीरता से कहा की प्रयास करूँगी और उसी दिन देर रात शिक्षा मंत्री के ऑफिस से बताया गया कि प्रकरण में सकारात्मक पहल हो गई है । 7 दिन में आदेश भी हो गये ।
आज जब मैंने जल जीवन मिशन की समीक्षा में उनकी बात सुनी तो लगा वो मोम की गुड़िया नहीं है ।जमीनी हकीकत से रूबरू हैं और बड़ी सरलता से लेकिन मजबूती के साथ स्पष्ट तथ्यात्मक बात करती हैं । जो कमी है , उसे स्वीकार करती हैं । गलतियों को बताने में संकोच नहीं करती ।
इस सत्र में संसद में उन्होंने 6 प्रश्न लगाये थे और सभी प्रश्न क्षेत्रीय विकास से जुड़े हुए थे ।शहडोल हवाई अड्डे के सवाल का जवाब ठीक नहीं लगा तो सीधे उड्डयन मंत्री के कार्यालय पहुँच गई ।
मंत्री को सहमत किया कि शहडोल का हवाई अड्डा क्यों जरूरी है। नितिन गडकरी साहब से सड़को के लिए तर्क संगत बात की और प्रयागराज, मऊगंज सीधी , जनकपुर , अनूपपुर , पेंड्रा, बिलासपुर रोड की माँग रख दी ।
वाराणसी से रीवा होकर अमरकंटक तक पिल्ग्रिमेज एक्सप्रेस वे माँगा , तो कटनी से मनेंद्रगढ़ तक 4 लेन रोड की बात की ।
कान्हा – शाहपुरा – उमरिया – बांधवगढ़ होकर मैहर – पन्ना तक टूरिस्ट सर्किट का प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिया गया है ।
शहडोल शहर के अंदर के पुराने बायपास रोड के नवीनीकरण का काम स्वीकृत करवा लिया और बजट भी आवंटित करवा लिया ।
साथ में शहडोल और अनूपपुर में रिंग रोड का प्रस्ताव दे कर आई हैं । वो आश्वस्त है की में ये सारे काम हो जाएँगे । पासपोर्ट ऑफिस तो खुलवाया ही , कोयला मंत्रालय की सदस्य होने के कारण निजी खदानों की स्वीकृति में भी मदद की ।
मेडिकल कॉलेज को एमआरआई मशीन देने से लेकर स्वास्थ्य केन्द्रों में एम्बुलेंस देने तक की चिंता करने वाली सांसद है हिमाद्री सिंह ।
मैं ख़ुद हैरान हूँ कि मीडिया में प्रचार करने के इस फेक फॉलोवर युग में वो बिना विचलित हुए कैसे काम करती है ।
बहरहाल मैं खुश हूँ कि दलबीर सिंह की पुत्री में संसदीय क्षेत्र के विकास का विज़न है और वो अब शहडोल का शांत लेकिन सशक्त हस्ताक्षर हैं ।
( साभार — राजशेखर सिंह ‘अनंत’ )
सोर्स – मनोज द्विवेदी अनूपपुर