एमपी में जल्द बनेगा पुलिस भर्ती बोर्ड, एक ही छत के नीचे होंगी पुलिस, जेल, फायर और आबकारी विभाग की भर्तियां
सी के पारे
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। सरकार जल्द ही पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन कर सकती है। इस संबंध में तैयार प्रस्ताव जुलाई में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पुलिस, जेल, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड और आबकारी विभाग की सभी भर्तियां एक ही भर्ती बोर्ड के माध्यम से कराई जाएंगी।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, समयबद्ध और आधुनिक बनाना है। वर्तमान में अलग-अलग विभागों की भर्ती अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से होती है, जिससे प्रक्रिया में देरी और समन्वय की समस्याएं सामने आती हैं। नया भर्ती बोर्ड बनने के बाद सभी विभागों की भर्ती एक ही संस्था द्वारा संचालित होगी।
जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने भर्ती बोर्ड के संचालन के लिए 95 पदों को मंजूरी दे दी है। इनमें प्रशासनिक अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी और अन्य आवश्यक स्टाफ शामिल होंगे। बोर्ड के गठन के बाद भर्ती से जुड़े सभी कार्य डिजिटल प्रणाली के माध्यम से किए जाने की योजना है, जिससे अभ्यर्थियों को अधिक सुविधा मिलेगी।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और रिक्त पदों को तेजी से भरा जा सकेगा। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं के आयोजन, परिणाम जारी करने और चयन प्रक्रिया में भी एकरूपता आएगी।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती की मांग की जा रही थी। नया भर्ती बोर्ड बनने के बाद इन पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। यदि जुलाई में कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो जल्द ही भर्ती बोर्ड के गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और आने वाले समय में विभिन्न विभागों की नई भर्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा।