– क्रांतिकारी किसान संगठन (मध्यभारत) के नेतृत्व में एकत्र हुए किसान
सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
क्रांतिकारी किसान संगठन (मध्यभारत) के नेतृत्व में गुरुवार को किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए कृषि, डेयरी एवं पोल्ट्री क्षेत्रों को इस समझौते से बाहर रखने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का विरोध कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि समझौते के माध्यम से अमेरिकी कृषि उत्पादों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भारतीय किसानों के हित प्रभावित होंगे। किसानों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर कृषि, डेयरी एवं पोल्ट्री क्षेत्रों को मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने क्षेत्रीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ज्ञापन में मूंग एवं उड़द फसल की शीघ्र गिरदावरी कराने, चना, मसूर एवं गेहूं उपार्जन का लंबित भुगतान तत्काल किसानों के खातों में जमा कराने, खरीदी गई उपज का पोर्टल पर दर्ज नहीं होने की समस्या का निराकरण कर भुगतान सुनिश्चित करने तथा खाद वितरण व्यवस्था में आ रही दिक्कतों को दूर कर किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मौके पर किसान संघ के मुकेश धाकड़, हेमंत गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी एवं पोल्ट्री क्षेत्रों को बाहर रखा जाए।मूंग एवं उड़द फसल की गिरदावरी शीघ्र कराई जाए।चना, मसूर एवं गेहूं उपार्जन का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए।पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई खरीदी गई उपज का पंजीयन कर शीघ्र भुगतान कराया जाए।खाद वितरण व्यवस्था में सुधार कर किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।