सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
रायसेन ज़िले के गैरतगंज नगर में आयोजित पावन सिद्ध चक्र मंडल विधान का शुभारंभ मंगलवार को जैन संत मुनिश्री महासागर महाराज के मंगल सान्निध्य में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर एक दिवस पूर्व श्रीजी की दिव्य घोष, वाद्ययंत्रों एवं जिनेंद्र भगवान के जयघोष के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला-पुरुष एवं युवा श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जैन धर्मशाला पहुंची, जहां से विधान स्थल तक श्रीजी को विधिवत विराजमान कराया गया। विधान के शुभारंभ अवसर पर जैन संत मुनिश्री महासागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए सिद्ध चक्र मंडल विधान के आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह विधान आत्मशुद्धि, संयम, तप, भक्ति और जिनवाणी के प्रति आस्था को सुदृढ़ करने का माध्यम है। सच्ची श्रद्धा और समर्पण के साथ किया गया विधान व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है तथा आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। आयोजन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ एवं सिद्ध परमेष्ठी की आराधना कर परिवार, समाज और विश्व के कल्याण की कामना की। भक्ति, श्रद्धा और जिनेंद्र भगवान के जयघोष से पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा। श्रद्धालुओं की अपार आस्था और समर्पण ने इस पावन आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। सकल दिगम्बर जैन समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीजी की असीम कृपा सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे तथा सिद्ध चक्र मंडल विधान सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करे। आगामी दिनों में विधान के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं प्रवचनों का क्रम एक सप्ताह तक जारी रहेगा।