मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
ग्राम सेमरा स्थित मेला ग्राउंड का गायत्री मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। यह मंदिर केवल सेमरा ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग 50 गांवों के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। वर्षभर यहां गायत्री यज्ञ, भजन-कीर्तन, कथा, हवन, सामूहिक पूजा-अर्चना एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता रहता है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मंदिर परिसर में हर वर्ष फरवरी माह में लगभग 15 दिनों तक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ पारंपरिक रामलीला का मंचन भी किया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वहीं रेलवे स्टेशन दीवानगंज-सेमरा के समीप स्थित खेड़ापति हनुमान माता मंदिर भी ग्रामीणों की गहरी आस्था का केंद्र है। यहां समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठान, सुंदरकांड, भजन-कीर्तन एवं अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से शारदीय नवरात्रि के अवसर पर सेमरा के ग्रामीणों द्वारा भव्य रामलीला का मंचन किया जाता है, जिसकी ख्याति आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन का आनंद लेने पहुंचते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इन दोनों मंदिरों में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल लोगों की आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। यही कारण है कि सेमरा के ये धार्मिक स्थल आज पूरे क्षेत्र की पहचान बन चुके हैं।