सी के पारे
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को अगले तीन वर्षों में आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विगत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला सहकारी बैंकों में से 6 बैंकों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय अंशपूंजी सहायता के माध्यम से रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर एवं दतिया जिला सहकारी बैंकों को मजबूत बनाने के प्रयास सफल रहे हैं। अब अगले चरण में भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा।
सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के माध्यम से लेनदेन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप से जोड़ने पर जोर दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश की सभी 4,536 पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत किया जा चुका है और इस उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। जल्द ही किसानों और सदस्यों को मोबाइल ऐप के माध्यम से ट्रांजेक्शन की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स सदस्यता अभियान को 30 जून तक प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत 10 लाख नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही पैक्स के माध्यम से सवा लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) स्वीकृत करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य बिंदु
3 वर्षों में सभी कमजोर जिला सहकारी बैंकों को मजबूत बनाने का लक्ष्य।
18 में से 6 कमजोर बैंकों की वित्तीय स्थिति में सुधार।
4,536 पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण।
जल्द मोबाइल ऐप से पैक्स लेनदेन की सुविधा।
30 जून तक पैक्स सदस्यता अभियान जारी।
10 लाख नए सदस्य और 1.25 लाख नए केसीसी स्वीकृत करने का लक्ष्य।