सी के पारे हरदा
नर्मदीय धर्मशाला, हरदा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में समाज की सर्वोच्च संस्था नर्मदा सेवा न्यास, महेश्वर द्वारा चिकित्सा, समाज सेवा एवं संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ एवं समर्पित पदाधिकारीगण तथा हरदा, भोपाल एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संस्था के मूल उद्देश्य एवं आदर्श वाक्य “चलने वाला मंजिल पाता है, बैठा पीछे रह जाता है” को चरितार्थ करते हुए कार्यक्रम में समाज के विकास, संगठन की मजबूती और नई पीढ़ी को समाज सेवा से जोड़ने पर विशेष चर्चा की गई।
इस अवसर पर भोपाल से पधारे प्रसिद्ध गायक कलाकार अजय पारे ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से उपस्थित समाजबंधुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सुरों की मिठास और शानदार गायन ने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करते हुए उनकी कला की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने अजय पारे की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दिनेश पारे, भारत पारे एवं चंद्रकांत पारे सहित अनेक समाजबंधुओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रतिभाओं को सम्मान और प्रोत्साहन देना भी समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अजय पारे जैसे प्रतिभाशाली कलाकार समाज का गौरव हैं, जो अपनी कला के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहे हैं।
“सुरों की साधना और समाज सेवा का संगम जब एक मंच पर दिखाई देता है, तब ऐसे आयोजन समाज की नई पहचान बन जाते हैं।”
अजय पारे द्वारा अपनी मधुर वाणी से एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से समाज को मंत्र मुक्त कर दिया
हरदा आज संवाद कार्यक्रम में गूंजा समाज सेवा और सांस्कृतिक प्रतिभा का स्वर
नर्मदीय धर्मशाला, हरदा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में समाज की सर्वोच्च संस्था नर्मदा सेवा न्यास, महेश्वर द्वारा चिकित्सा, समाज सेवा एवं संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ एवं समर्पित पदाधिकारीगण तथा हरदा, भोपाल एवं दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए समाजबंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।
संस्था के मूल उद्देश्य एवं आदर्श वाक्य “चलने वाला मंजिल पाता है, बैठा पीछे रह जाता है” को चरितार्थ करते हुए कार्यक्रम में समाज के विकास, संगठन की मजबूती और नई पीढ़ी को समाज सेवा से जोड़ने पर विशेष चर्चा की गई।
इस अवसर पर भोपाल से पधारे प्रसिद्ध गायक कलाकार अजय पारे ने अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति से उपस्थित समाजबंधुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके सुरों की मिठास और शानदार गायन ने पूरे सभागार को भाव-विभोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत करते हुए उनकी कला की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने अजय पारे की प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा की। दिनेश पारे, भरत पारे एवं चंद्रकांत पारे सहित अनेक समाजबंधुओं ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा के साथ-साथ सांस्कृतिक प्रतिभाओं को सम्मान और प्रोत्साहन देना भी समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। अजय पारे जैसे प्रतिभाशाली कलाकार समाज का गौरव हैं, जो अपनी कला के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य कर रहे हैं।
“सुरों की साधना और समाज सेवा का संगम जब एक मंच पर दिखाई देता है, तब ऐसे आयोजन समाज की नई पहचान बन जाते हैं।”