-चार भाई बहनों में सबसे बड़ा था अंकित मोगिया
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर बेरखेड़ी चौराहे के पास मंगलवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल युवक ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी। अंबाडी निवासी अंकित मोगिया पिता तोरण सिंह मोगिया की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही गांव अंबाडी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार को अंकित मोगिया अपने दोस्त जितेंद्र प्रजापति पिता कन्हैयालाल प्रजापति के साथ बाइक से रायसेन पेशी पर जा रहा था। इसी दौरान कोसाखेड़ी जोड़ के पास विदिशा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीर और पुलिस द्वाराघायलों को तत्काल सिविल अस्पताल सांची ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को विदिशा रेफर कर दिया गया। अंकित मोगिया की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। उसके पैर में फैक्चर था और सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके चलते उसे भोपाल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि अंकित मोगिया चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी लगभग तीन वर्ष पहले हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है। जवान बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। अस्पताल और घर पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गर्भवती पत्नी बार-बार बेसुध हो रही है, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भी भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं 40 किलोमीटर मार्ग पर रोजाना 4 से 5 दुर्घटना होना आम बात हो गई है। 18 महीना में ही इस रोड पर 40 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। इसके बाद भी रोड को फोर लाइन में नहीं बदला जा रहा है। बार-बार हो रहे हादसों के कारण 100 से ज्यादा गांव के ग्रामीणों में आक्रोश पनपता जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि भोपाल विदिशा हाईवे 18 को फोर लाइन में बदला जाए ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सक। कुछ दिन पहले ही बालमपुर घाटी पर दुर्घटना में देहरी निवासी और मंगलवारा भोपाल निवासी निवासी दो व्यक्ति की भी मौत हो गई थी।