मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के ग्राम दीवानगंज में शुक्रवार दोपहर बाद एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां तालाब के पास कचरे के ढेर में अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलती हुई आसपास के खेतों तक पहुंच गई, जिससे कई किसानों की नरवाई जलकर खाक हो गई।
आग की लपटें यहीं नहीं थमीं, बल्कि पास में स्थित शरीफ और फरीद के घरों तक जा पहुंचीं। इस दौरान शरीफ के घर में रखी दो कुंडल लकड़ी, एक कुंडल प्लास्टिक और कागज का पुष्टा जलकर पूरी तरह राख हो गया। तेज हवा के कारण आग ने और भी भयावह रूप लेते हुए सन्नब्बर खान के घर को अपनी चपेट में ले लिया, जहां रखी रुई में आग लग गई।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब आग तेजी से पूरे मोहल्ले में फैलने लगी। हालांकि, समय रहते ग्रामीणों की सतर्कता और सामूहिक प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
आग बुझाने के दौरान फरीद खान के हाथ-पैर झुलस गए, वहीं अन्य घरों में भी नुकसान की खबर है। घटना के दौरान मोहल्ले के फ़ेमिदा बी, तपसुम बी, शरीफ खान, फरीद खान, शमीम खान, रसीद खान,शमीम खान ,वसीम खान, सनब्बर खान, नसीम खान सहित मोहल्ला के कई लोगों ने मिलकर आग बुझाने में अहम भूमिका निभाई। शरीफ खान ने बताया कि घर में गेहूं और आसपास लगे हरे भरे पेड़ पौधे भी जल गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बावजूद फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे समय पर मदद नहीं मिल पाती और नुकसान बढ़ जाता है।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि दीवानगंज क्षेत्र में यह आगजनी की पहली घटना नहीं है इससे पहले भी आगजनी की गई घटना सामने आ चुकी है। जिसमें कई लोगों को नुकसान हुआ है
2 दिन पहले ही बेसर कॉलोनी में रहने वाले ओम प्रकाश के घर में खेत की नरवाई की आग से 80 से 90 हजार का नुकसान हुआ था जिसमें जिससे घर में रखा पाइप, 6 कुंडल गेहूं, पलंग, बर्तन सहित अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया।