रायसेन। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में, कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार एक गंभीर मुद्दा है ।जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस तरह के व्यवहार से कर्मचारियों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे उनके कार्य क्षमता घटती है ,और बैंक के समग्र कामकाज पर असर पड़ता है ।इस समस्या के समाधान के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी नितियां लागू करना। कर्मचारियों की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी ढंग से निवारण करना और समानता पूर्वक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए,जब कर्मचारियों के साथ सोतेला व्यवहार किया जाता है, तो यह उनके प्रति शोषण और अन्याय को दर्शाता है ,सौतेले व्यवहार का मतलब है कि उनके पद वरिष्ठता या किसी अन्य कारण से दूसरे कर्मचारीयो की तुलना में कम महत्व दिया जा रहा है । यह एक प्रकार का भेदभाव है, जो एक नकारात्मक कार्य का वातावरण बनता है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन में कर्मचारियों के साथ बैंक प्रबंधन द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। बैंक कर्मियों को 1 अप्रैल से जो वार्षिक वेतन वृद्धि लगती है ,आज दिनांक तक वेतन बुद्धि नहीं लगी है कर्मचारियों को ऐसा लग रहा था कि दीपावली पर वेतन का लाभ मिलेगा, परंतु आशा निराशा में बदल गई ।कर्मचारियों ने रोष व्याप्त है, क्या वेतन वृद्धि के लिए जो नियम अनुसार देय होता है, यदि वेतन वृद्धि नहीं दी जाती है, तो उसके लिए आंदोलन की ओर अग्रसर होने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन के प्रशासक कलेक्टर हैं, उन्हें भी अंधेरे में रखकर यह सब हो रहा है ।8- 10 कर्मचारियों को जो अपनी सेवाओं के 10- 20 वर्ष पूर्ण कर चुके उनको समय मान वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है, और कुछ कर्मचारियों को वर्ष 2018 से समय मान वेतनमान मिल गया, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायसेन में कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है ।असमान वेतनमान और प्रबंधन के अनुचित रवैया को दर्शाता है ।अतः यह देखना है कि उक्त समस्याओं का समाधान कब हो पाता है । इंतजार रहेगा।