भोपाल। मानसिक स्वास्थ्य के लिए जीवन शैली का संतुलन आवश्यक है, मोबाईल का सीमित उपयोग, पोषण आहार, व्यायाम तथा मित्रों ,रिशतेदारों से बोलचाल इसमें सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं उक्त विचार मनोचिकित्सक डा अनुराधा कुशवाहा ने बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल में आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए .

भेल महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ के रुप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल की मनो चिकित्सक डा अनुराधा कुशवाह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए जीवन शैली का संतुलन आवश्यक है हमें मोबाईल का सीमित उपयोग करना चाहिए पोषण आहार, व्यायाम तथा विश्वसनीय मित्रों ,रिशतेदारों से विचारों का आदान प्रदान सकारात्मक भूमिका निभा सकते है ,आपने जीवन शैली में भी ट्रेफिक सिगनल जैसे संकेतो के पालन करने की सलाह दी ,तथा छात्र छात्राओं की जिज्ञासाओं का संतोषजनक समाधान किया

संगोष्ठी के प्रारंभ मे प्राचार्य डा संजय जैन ने डा कुशवाहा का पौधा गमला से स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में छात्र छात्राओं को वर्तमान में व्यस्त दिनचर्या में मानसिक स्वास्थ्य की संवेदनशीलता बतलाई तथा किसी भी तरह की परेशानी होने पर महाविद्यालय में साप्ताहिक रूप में उपस्थित मनोचिकित्सक, अपने अभिभावकों या शिक्षको से सतत सम्पर्क में रहने का मार्गदर्शन किया.

जनभागीदारी अध्यक्ष श्री बारेलाल अहिरवार ने छात्र छात्राओं को किसी भी परेशानी मे हताश न होने की सलाह दी आपने कहा सभी समस्याओं का हल संभव है संगोष्ठी संचालन डा मीता बादल ने किया तथा आभार प्रकोष्ठ प्रभारी डा समता जैन ने व्यक्त किया .