– स्थाइत्व/समायोजन/फिक्स वेतन एवं हरियाणा मॉडल पर हुई चर्चा-महासंघ
भोपाल।प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में रिक्त पदों के विरुद्ध कार्य करने वाले अतिथि विद्वानों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ मिला।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने किया वही अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह एवं उपाध्यक्ष डॉ अविनाश मिश्रा शामिल रहें।इस मुलाक़ात में अतिथि विद्वानों ने मुख्यमंत्री डॉ यादव से स्थाई/समायोजन/फिक्स मासिक वेतन एवं हरियाणा क़ि सैनी सरकार ने ज़िस प्रकार से अतिथि विद्वानों क़ो 65 वर्ष तक स्थाई व्यवस्था दी है उसी प्रकार मध्य प्रदेश सरकार भी दे इसका आग्रह किया है।इसके बाद भारतीय मजदूर संघ ने अपना मांग पत्र मुख्यमंत्री क़ो दिया ज़िस पर अतिथि विद्वानों क़ि मांग प्रमुखता से रखी गई।
रिलोकेशन एवं फालेन आउट क़ो लेकर उच्च शिक्षा मंत्री से मिलें अतिथि विद्वान
वहीं अतिथि विद्वान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ देवराज सिंह एवं उपाध्यक्ष डॉ अविनाश मिश्रा विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार से भी मुलाक़ात किए एवं निवेदन किए क़ि जो अतिथि विद्वान फालेन आउट है उनकी वापसी हो औऱ कार्यरत अतिथि विद्वानों का रिलोकेशन हो प्राथमिकता के साथ।वहीं महासंघ ने जोर देकर कहा की बीच सत्र में एवं ज़ब सामने पीएससी भर्ती होने क़ो है तो अतिथि विद्वानों का विज्ञापन निकालने का क़्या ओचित्य है।पूर्व से कार्यरत अतिथि विद्वानों क़ो अनुभव एवं योग्यता क़ो तरजीह देते हुए भविष्य सुरक्षित किया जाए।जैसा की विदित हो लंबे समय से अतिथि विद्वान अपने स्थाइत्व के लिए लम्बा सघर्ष करते हुए आ रहें है।
इनका कहना हे –
रिक्त पदों के विरुद्ध लंबे समय से काम करने वाले अतिथि विद्वानों का स्थाइत्व होना चाहिए।20-25 वर्ष का अनुभव एवं नेट पीएचडी है।इनको फालेन आउट न किया जाए इनके पदों क़ो भरा माना जाए।ऐसे माहौल में अतिथि विद्वानों की नई भर्ती करने का कोई अर्थ नहीं है ज़ब पुरानो का ही भविष्य अधर में लटका हुआ है।उम्मीद है माननीय मुख्यमंत्री ज़ी,उच्च शिक्षा मंत्री ज़ी एवं शीर्ष अधिकारीयों से आग्रह है संवेदनशील होकर संवेदनशीलता के साथ विद्वान हित में निर्णय लेने की कृपा करें।
– डॉ आशीष पाण्डेय,मीडिया प्रभारी महासंघ