कलाकार विवेक शर्मा, प्रदीप शर्मा ,किशोर पाठक, सुनील सोन्हिया हुए सम्मानित
भोपाल। पॉलीटेक्निक कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित संगीतमय संध्या “सिर्फ किशोर दा” में किशोर कुमार के सदाबहार एकल गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन विपिन शर्मा एवं इंजीनियर आशु द्वारा किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सभागार खचाखच भरा रहा और श्रोता कलाकारों के साथ गीत गुनगुनाते नजर आए।

कार्यक्रम में विपिन शर्मा ने “तुम भी चलो हम भी चलें”, “ग़म का फ़साना” तथा “हज़ार राहें जो मुड़ के देखें” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। विवेक शर्मा ने “किसका रास्ता देखे”, “पल पल दिल के पास”, “प्यार आए तुम याद मुझे”, “प्यार मांगा है तुम ही से” एवं “हम बेवफ़ा हरगिज़ न थे” जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। इंजीनियर आशु ने “रिमझिम गिरे सावन”, “जाने जां ढूंढता फिर रहा” और “जीवन के दिन छोटे सही” की शानदार प्रस्तुति दी।
किशोर पाठक (Voice of Kishore) ने “जाने क्या सोचकर”, “दिलबर मेरे कब तक मुझे” एवं “ये क्या हुआ” प्रस्तुत कर किशोर दा की यादें ताज़ा कर दीं। प्रदीप शर्मा (Voice of Kishore) ने “मुसाफिर हूं यारों”, “लहरों की तरह यादें” तथा “घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं मैं” गीतों से खूब वाहवाही लूटी। वहीं सुनील सोन्हिया ने “मेरे सपनों की रानी कब आएगी “डॉ. राणा ने “प्यार दीवाना होता है” और “लोग कहते हैं”, राजेश सरीन ने “आ चल के तुझे”, अवतार मेहरा ने “खिलते हैं गुल यहां” तथा शंकर मूर्ति ने “आपके अनुरोध पर” गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठता रहा और संगीत प्रेमियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। श्रोताओं ने इस आयोजन को किशोर कुमार को समर्पित एक भावपूर्ण एवं सफल संगीतमय श्रद्धांजलि बताया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “किशोर सम्मान” समारोह रहा, जिसमें विवेक शर्मा, प्रदीप शर्मा (Voice of Kishore), किशोर पाठक (Voice of Kishore) को किशोर सम्मान एवं सुनील सोन्हिया को संगीत के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों, सम्मानित अतिथियों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।