प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पर, “परमात्मा शिव के द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक परिवर्तन” विषय ही कार्यक्रम आयोजित
विदिशा। परमात्मा शिव के अवतरण दिवस तथा दिव्य कार्य के यादगार पर्व महाशिवरात्रि के उपलक्ष में, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय किला अंदर स्थित केंद्र पर, “परमात्मा शिव के द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए सकारात्मक परिवर्तन” विषय पर परिचय का आयोजन हुआ। सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत तिलक लगाकर एवं अंग वस्त्र पहनाकर किया गया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि लायन अरुण कुमार सोनी एवं कौशल्या बहन डॉ जीवन लाल मालवीय भाई जी के साथ ही अतिथि गणों ने दीप प्रज्वलित कर, गुलजार दादी के तीसरे स्मृति दिवस पर उनको पुष्पांजलि अर्पित की।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला सहसंयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा लायन अरुण कुमार सोनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि किस प्रकार से महिलाएं देश में सर्वोच्च शिखर पर पहुंच चुकी है। अब इसके साथ ही उन्हें अध्यात्म में ध्यान के माध्यम से किस प्रकार जीवन में आगे बढ़ सकती हैं। इस पर प्रकाश डाला। अतुल तिवारी हिंदू उत्सव समिति विदिशा ने कहा कि महिलाओं का सबसे अच्छा सशक्तिकरण उनका अपना परिवार को अच्छे तरीके से संभालने में है ।जिसके लिए उन्होंने मां पार्वती का अपने परिवार को संभालने का उदाहरण प्रस्तुत किया। विप्र मंडल से मंजू द्विवेदी एवं डॉक्टर कल्पना किरार ने भी महिलाओं की उपलब्धियां के बारे में उनकी प्रशंसा करते हुए, उनके परिवार जनों से उनको आगे बढ़ाने में सहायता करने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित अन्य लोगों ने भी अपने-अपने विचार प्रकट किए । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही केंद्र की संचालिका बहन कौशल्या बहन ने, गुलजार दादी के स्मृति दिवस पर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 11 मार्च सन 20 21 को आपका देह परिवर्तन हुआ एवं आपने लोगों को केंद्र से जोड़ने के लिए प्रेरित भी किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को आपके द्वारा स्मृति चिन्ह भी भेंट किये गए।कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार व्यक्त डॉक्टर जीवन लाल मालवीय भाई जी ने किया। स्वल्पाहार के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर उर्मिला बहन, संजीव किरार, चंद्रभान रघुवंशी, सुनील रघुवंशी, श्रीमती ज्योति सक्सेना, अनिता बहन, लक्ष्मण भाई, नरेंद्र भाई, अखिलेश भाई, उमेश शर्मा, तारा बहन, छोटी बाई, गीता बाई, तुलसा, नेतराम, सविता बहन, विपता बहन शशि, चंदन भाई आदि उपस्थित थे।