यशवंत सराठे बरेली रायसेन
मकर संक्रांति पर्व पर प्रतिवर्ष सैकड़ों वर्षों से वगलबाडा नर्मदा घाट पर मेला भरता चला आ रहा है।यह मेला वसन्त पंचमी तक रहता है मेले में सभी प्रकार की छोटी बड़ी दुकान लगती है एवं दूर दूर से नर्मदा भक्त ज़मीन पर लेट लेट कर कड़कड़ाती ठंड में महिलाएं पुरुष बच्चे सभी अपने-अपने ग्राम से लेकर पतित पावनी मां नर्मदा घाट तक सरे भरते हुए आते हैं। दूरदराज के क्षेत्रों से लोग स्नान करने आते हैं। हजारों नर्मदा भक्तो का यहां मेला लगता है । प्रशासन की ओर से श्रध्दालुओ की सुरक्षा व्यवस्था हेतु मोटरवोट, पुलिस,पेयजल, नहाने धोनें की व्यवस्था, साफ-सफाई आदि की देखभाल की जाती है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए एस डी एम संतोष मुद्गल जी ने तहसीलदार रामजीलाल वर्मा नायव तहसीलदार शुक्ला जी एवं हल्का पटवारी को वगलबाडा नर्मदा घाट का निरीक्षण कर समस्त व्यवस्थाओं को विधिवत अमल करने का आदेश दिया। तहसीलदार रामजीलाल वर्मा ने घाट पर पहुंच कर पटवारी, सरपंच एवं सचिव को घाट पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर विजली,पानी,एवं साफ-सफाई हेतु कहा साथ ही कहा कि किसी भी प्रकार की व्यवस्थाओं में श्रध्दालुओ के साथ लापरवाही नहीं होना चाहिये नर्मदा में स्नान करनेके लिए रस्सा लगाया जाये मोटरवोट एवं गोताखोर तैनात रहे, पुलिस व्यवस्था चाकचौबंद रहे सड़कों एवं घाट पर किसी भी प्रकार कि गंदगी नहीं होना चाहिए।इसके साथ ही अधिकारी महोदय मंदिर में पहुंचे ओर वहां का जायजा लिया सप्त दिवसीय भागवत कथा का महाराज जी से प्रसाद ग्रहण किया।