Let’s travel together.

तिल्दा नेवरा में पंचकल्याणक का द्वितीय दिवस,मुनिश्री प्रशाद सागर जी ने कहा दुनिया चार दिनों का मेला

0 153

सुरेंद्र जैन  रायपुर
राजधानी रायपुर के समीप स्थित धर्म नगरी तिल्दा नेवरा में परम पूज्य सन्त शिरोमणि आचार्यश्री 108 विद्यासागरजी महामुनिराज जी के ससंघ सानिध्य में श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक के द्वितीय दिवस प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण बाल ब्रह्मचारी विनय भैया जी बंडा के प्रतिष्ठाचार्यत्व में भक्ति भाव के साथ महामहोत्सव स्थल पर विधान ओर गर्भ भगवान के कल्याणक पूर्व की धार्मिक क्रियाओं को बताया गया वहीं दोपहर में आचार्यश्री के परम प्रभावक शिष्य पूज्य मुनिश्री प्रशाद सागर जी ने अपने अनमोल वचनों में कहा कि दुनिया चार दिनों का मेला है।


महामहोत्सव के दूसरे दिन रविवार को सर्वप्रथम प्रातः काल भगवान का अभिषेक पूजन तत्पश्चात आचार्यश्री की पूजन हुई इसके बाद आचार्यश्री व पूज्य मुनि आहार चर्या को निकले रविवार को चौधरी राकेश जैन के परिवार के चौके में आचार्यश्री की आहार चर्या हुई दोपहर 12 बजे से पंचकल्याणक के लिए स्थापित की गई अयोध्या नगरी में प्रतिष्ठाचार्य वाणी भूषण बाल ब्रह्मचारी विनय भैया जी न गर्भ कल्याणक पूर्व की क्रियाओं को समझाते हुए विधान संपन्न कराया भक्ति भाव व मधुर संगीत के साथ जब विधान हुआ तो भगवान के मातपिता सौधर्म इंद्र व अन्य इंद्र इंद्राणी नृत्य करते हुए विधान में भगवान की भक्ति और गर्भ कल्याणक पूर्व की खुशियां मनाए कुबेर इंद्र ने रत्नों की वर्षा की।


दुनिया चार दिनों का मेला
दोपहर में पूज्य मुनिश्री प्रशाद सागर जी ने अपने अनमोल वचन में कहा कि रेल में यात्री मिलते है और अपनी अपनी स्टेशन आने पर उतर जाते है उसी प्रकार भोग भूमी में जीव आकर मिलते है दुनिया चार दिनों का मेला है जैसे मेले में आकर यात्री मिलते है और फिर अपने अपने स्थानों पर चले जाते है, निर्यापक मुनि श्री प्रसाद सागर जी महाराज ने कहा कि आत्मा कभी मरती नहीं है जिसको आध्यात्म से लगाव होता है वह जीव कभी मोह को धारण नहीं करता मुनि श्री ने कहा कि साधना ऐसी करो कि शरीर न टूटे और शरीर से मोह भी न करें। मुनि श्री ने कहा कि आज गर्भ कल्याणक के दिन 56 कुमारी एवं अष्ठ देवियाँ आकर मां मरूदेवी की सेवा करती है।


पंचकल्याणक महामहोत्सव के प्रथम दिन गर्भ कल्याणक पूर्व रुप दिखाया गया आयोध्या नगरी वनाई गयी है।पाषाण से भगवान वनने की यात्रा संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के स संघ सानिध्य में प्रारंभ हुई।
महाआरती
संध्याकालीन महाआरती का शौभाग्य प्रकाश मोदी सुमनलता मोदी भाटापारा को प्राप्त हुआ रथ पर सवार होकर उन्होंने सपरिवार पँचकल्याक स्थल पर भगवान की आरती का पुण्य प्राप्त किया

Leave A Reply

Your email address will not be published.

जिला स्तरीय शालेय टेबल टेनिस एवं बॉक्सिंग प्रतियोगिता संपन्न     |     तंत्रिक बनकर गहने ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार, बाइक से सुराग लगाकर पुलिस पहुंची आरोपी तक     |     किसानों के लिए बड़ी पहल व्हाट्सएप से घर बैठे होगी खाद की बुकिंग     |     कायस्थ महिला प्रकोष्ठ का हरियाली तीज महोत्सव, अंताक्षरी और म्यूजिकल चेयर में महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा     |     सप्रे संग्रहालय की प्रचुर संदर्भ संपदा देख कर यू.के. हिंदी समिति अभिभूत     |     मैहर से मिली लाड़ली बहनों को नैहर की नेग,मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अंतरित किए 2148.30 करोड़ रुपए     |     सीहोर जिले में दर्दनाक हादसा: पानी में डूबने से तीन मासूमों की मौत     |     सही दिशा का प्रसाद ही सही दशा का प्रसाद बनता है-मुनि श्री अभय सागर महाराज     |     माता वैष्णोदेवी यात्रा पर भक्तों का 22 सदस्यों का जत्था हुआ रवाना     |     पशुओं के प्रति क्रूरता से परिवहन करने वाले 02 आरोपी गिरफ्तार     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811