सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
ज़िले की गैरतगंज तहसील के श्रीनाथ वेयरहाउस पर समर्थन मूल्य खरीदी के दौरान वेयरहाउस संचालक की दबंगई और अव्यवस्थाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा रही हैं। अधिकारियों की सख्त हिदायत के बावजूद शनिवार को संचालक द्वारा नियमों को ताक पर रखकर गुणवत्ताहीन गेंहू की जबरन तुलाई का मामला सामने आया है।
इसी केंद्र पर संचालक के मनमाने रवैये को लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया था। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर मामला शांत कराया और संचालक को सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन शनिवार को स्थिति और भी बदतर दिखी। संचालक ने किसानों की उपज की तुलाई रोकने के बाद खुद का बिना पंजीयन और बिना रिकॉर्ड वाला घटिया गेंहू तुलवाना शुरू कर दिया।

सर्वेयर की बेबसी: “मिट्टी-पत्थर और घुना हुआ है गेंहू”
मौके पर तैनात सर्वेयर योगेश लोधी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस गेंहू को गुणवत्ताहीन घोषित कर तुलाई से मना कर दिया था, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। सर्वेयर के अनुसार संचालक द्वारा रात के अंधेरे में भी बगैर सूचना खराब गेंहू भरा जा रहा है। रजिस्टर पर खुद का नाम चढ़ाकर जबरिया तुलाई की जा रही है।
उपज में भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और घुना हुआ गेंहू मिला है। उधर विपणन केंद्र प्रबंधक भगवत लोधी ने भी लाचारी जताते हुए कहा कि वेयरहाउस संचालक उनकी भी नहीं सुन रहा और पूरी तरह मनमर्जी पर उतारू है।

पुराने और खराब गेंहू को खपाने का खेल
मौके पर मौजूद किसान राजपाल, महेश और महेंद्र ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि संचालक ने अपने अन्य वेयरहाउसों पर किसानों से ओने-पौने दामों में गेंहू खरीदा है। अब वह अच्छे गेंहू को अलग कर, पुराने और खराब गेंहू को समर्थन मूल्य पर ठिकाने लगा रहा है।
कागजों तक सीमित मॉनिटरिंग
एक ओर जिला कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और एसडीएम अंकित जैन लगातार केंद्रों का भ्रमण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारी जैसे खाद्य आपूर्ति अधिकारी राजू पतोलकर और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन, खाद्य विभाग के अधिकारी केवल ऑफिस में बैठकर कागजी खानापूर्ति करने में व्यस्त नजर आ रहे हैं।फ़िलहाल शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर खराब गेंहू के सैंपल लिए हैं और पंचनामा तैयार किया है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस दबंग संचालक के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करता है।