Let’s travel together.

मानसिक डिटॉक्स क्या है?जाने एक्सपर्ट से -डा.भावना राय पटेल

0 230

आलेख
डा.भावना राय पटेल

डिटॉक्स शब्द सुनते ही हमारे मन में सैंकड़ों सवाल उठते है ये क्या है ,कैसे करते है,कब करते हैं?तो आईए जानें कि डिटॉक्स का हिंदी शब्दावली में मतलब होता है विषहरण और शारीरिक डिटॉक्स का मतलब होता है शरीर में जमा विषैले तत्त्वों को शरीर से बाहर निकलना इसे फिजिकल डिटॉक्स (physical detox) भी कहते है उसी तरह हमारे दिमाग को भी डिटॉक्स करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शारीरिक डिटॉक्स, मानसिक डिटॉक्स में हमारे दिमाग में जमा सारे विषैले तत्व यानी नेगेटिव थॉट्स,नेगेटिव इमोशंस ,नेगेटिव फीलिंग्स,चिंता ,तनाव,क्रोध,द्वेष इत्यादि को हमारे दिमाग से निकाला जाता है और इस प्रक्रिया को मानसिक डिटॉक्स(mental detox) कहते हैं ।

डिटॉक्स के फिजियोलॉजिकल चेंजेज:

•शारीरिक और मानसिक व्यायाम करने से सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम उत्तेजित होता है जो की शरीर में विभिन्न प्रतिक्रियाओं को प्रभावी रूप से कार्यरत होने के लिए सिग्नल देता है।।जिसमे रेस्पिरेटरी ,कार्डियक और पाचन तंत्र प्रभावशाली ढंग से काम करते हैं।
• व्यायाम द्वारा डिटॉक्स से केटाकोलामिन         ( इपिनेफरिन और नोरएपिनेफरिन) ये दो प्रकार के न्यूरोट्रांसमीटर /हार्मोन्स रिलीज होकर एक्टिव हो जाते हैं। जो कि फ्लाइट एन फाइट मैकेनिज्म पर काम करते हैं।
डिटॉक्स से हमारे शरीर में प्रतिक्रियाओं के कारण आए हुए बदलावों जैसे रक्त में ऑक्सीजन का बढ़ना न्यूट्रिएंट डिमांड का बढ़ना और कार्बन डाइऑक्साइड के निष्कासन और मेटाबोलिक वेस्ट प्रोडक्ट के निष्कासन को बढ़ाता है और जिसके कारण शरीर का तापमान और एसिड इंबैलेंस बढ़ जाता है और homoeostatis (शरीर को अंदरूनी तौर पर बैलेंस में लाने की प्रक्रिया )होती है।

मानसिक डिटॉक्स कैसे करें?

•नियमित दिनचर्या अपनाएं ✓
डिजिटल डिटॉक्स अपनाए ।।दिन में कम से कम तीन बार गैजेट्स जैसे मोबाइल लैपटॉप , टीवी इत्यादि का त्याग करें।
•टॉक्सिक यानी नेगेटिव लोगों और एनिगेटिव बातों ,का त्याग करें।जो आपको न समझे आपकी मानसिक शांति को भंग करें उनको जीवन से अलविदा कहें।
•पॉजिटिव लोग जो आपको समझें आपके मन को खुशी दें इसे लोगों का साथ अपनाएं।
दिमाग में आ रहे अनचाहे खयालों से बचें।
•माइंडफुलनेस प्रैक्टिस करें। पॉजिटिव माइंडफुलनेस अपनाएं।
•सुबह उठकर और सोने से पहले पॉजिटिव अफरमेशन सुनें और दोहराएं ।।
•शारीरिक व्यायाम अपनाएं।
•योगासन और मेडिटेशन अपनाएं।मेडिटेशन से मन एकाग्रचित एवम शांत होता है।
हॉबी को जाने और उसपर काम करें।
•म्यूजिक सुनें।
•हेल्थी एवम संतुलित भोजन करें । तला हुआ मसालेदार भोजन को न करें। पैक्ड फूड का सेवन कम करें।
•पानी का सेवन बढाएं यानी कम से कम आठ से दस ग्लास पानी पिएं।
मानसिक डिटॉक्स जरूरी है ये आपके जीवन के लिए संजीवनी है।

लेखक डॉ भावना राय पटेल
गाइनेकोलॉजिस्ट /साइकोलॉजिस्ट/काउंसलर मदर एन बेबी केयर सेंटर जेडभोपाल हें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

रींवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ेगी विकास की रफ्तार: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल     |     राजेश श्रीवास्तव होगें अध्यक्ष, अखिल खरे बने महामंत्री, कायस्थ समाज में हुई नियुक्तियां     |     घरेलू गैंस सिलेंडर का अवैध उपयोग : प्रतिष्ठानों पर एसडीएम की छापेमारी     |     नरवाई न जलाएं, मिट्टी की उर्वरता बचाएं: कृषि विभाग की अपील     |     बिजली कंपनी की सख्त कार्रवाई: 10 दिन में 180 कनेक्शन काटे     |     पीएम श्री शासकीय हाई स्कूल  में तीन खेल मैदानों का निर्माण, छात्रों में हर्ष का माहौल     |     भूसे से भरी ट्रॉली से लगा जाम, एक घंटे तक थमा रहा ट्रैफिक     |     23 साल बाद ग्राम अंबाडी में फिर शुरू होगी रामलीला, 19 मार्च से भव्य श्रीराम कथा का आयोजन     |     कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध , कर गहन जांच शुरू     |     गेहूं पंजीयन की अवधि बढ़ाई जाए -किसान जागृति संगठन     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811