भोपाल। कांग्रेस राज्य में सरकार बनने की स्थिति में शिवराज सरकार द्वारा बंद की गई कर्ज माफी योजना को फिर शुरू करने का वचन दे रही है। इसकी काट में सरकार ने मुख्यमंत्री किसान ब्याज माफी योजना लागू की है। इसमें 11 लाख से अधिक किसानों का 2,123 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जाएगा।
12 जून को राजगढ़ में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ब्याज माफी की राशि किसानों के ऋण खातों में पहुंचाने की शुरुआत करेंगे। इसके लिए भाजपा का किसान मोर्चा किसानों से आवेदन पत्र भरवा रहा है। साथ ही यह भी बता रहा है कि कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कर्ज माफी के नाम पर धोखाधड़ी की थी। किसी भी किसान का दो लाख रुपये की कर्ज माफ नहीं हुआ।
नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में किसान हमेशा की तरह बड़ा मुद्दा रहेंगे। कांग्रेस जहां किसानों को साधने के लिए एक बार फिर ऋण माफी, उपज का उचित मूल्य दिलाने का वचन दे रही है तो भाजपा सरकार भी पीछे नहीं है।
मुख्यमंत्री किसान ब्याज माफी योजना को कैबिनेट मंजूरी दे चुकी है और 12 जून को इसे लागू कर दिया जाएगा। योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले और उन्हें यह अहसास हो कि भाजपा सरकार ही उनकी हितैषी है, इसके लिए पार्टी का किसान मोर्चा जुटा है।
किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी का कहना है कि किसानों को हम कांग्रेस की वास्तविकता बता रहे हैं। कमल नाथ सरकार ने किसी भी किसान का दो लाख रुपये का ऋण माफ नहीं किया। जबकि, किसान इसकी आस में बैठे रहे और उन्होंने ऋण अदायगी नहीं की।
इसके कारण वे सहकारी समितियों के अपात्र हो गए और बिना ब्याज का ऋण, खाद-बीज मिलना बंद हो गया। किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार ने ब्याज माफी देने का निर्णय लिया है। कांग्रेस सरकार ने तो प्रधानमंत्री फसल बीमा का दो हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम तक जमा नहीं किया था।
शिवराज सरकार आने के बाद यह राशि जमा कराई और फिर किसानों को फसल बीमा मिला। खरीफ और रबी फसलों का तीन हजार करोड़ रुपये का बीमा फिर मिलने वाला है। उधर, पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव का कहना है कि भाजपा किसान हितैषी होने का कितना ही दावा करे पर वास्तविकता सभी जानते हैं। 27 लाख किसानों की ऋण माफी हुई थी, यह बात सरकार ही विधानसभा में स्वीकार कर चुकी है।
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