आउटसोर्स कंपनी के .एस .एस के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी है आरोपी
आउटसोर्स कंपनी के .एस .एस पर पांच लाख का जुर्माना भी लगेगा
हेमेन्द्रनाथ तिवारी उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महाकालेश्वर मंदिर में ‘भस्म आरती’ का फर्जी प्रवेश टिकट बनाने के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है
श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं जैसे – भस्मारती पंजीयन, शीघ्र दर्शन टिकट, जल अर्पण रसीद, अभिषेक पूजन इत्यादि की ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। इसी तारतम्य में विगत 16 अप्रैल को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों ने भस्म आरती में प्रवेश के लिए जारी की जाने वाली भस्मारती अनुमति की जांच के दौरान एडिटिंग फर्जी भस्म आरती अनुमति में संज्ञान में आई।
उक्त संबंध में विगत 16 अप्रैल को भस्म आरती की नकली टिकट बनवाई जाकर फ्रॉड करने संबंधी लिखित शिकायत कार्यालय में प्राप्त हुई। प्राप्त शिकायत से संबंधित समस्त साक्ष्य एकत्रित कर महाकाल थाने में भेजकर संबंधितों के विरुद्ध एफ. आई. आर दर्ज की गई।
एफ .आई. आर दर्ज करने के पश्चात सात अन्य व्यक्ति जिसमें के. एस. एस कंपनी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी एवं कुछ पंडित और पुजारी शामिल पाए गए है।
कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम ने इस संबंध में प्रशासक महाकालेश्वर मंदिर को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भस्म आरती एडिटिंग करने में पाए गए आउटसोर्स कंपनी के .एस .एस के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य से पृथक किया जाकर कंपनी के विरुद्ध 5 लाख रुपए अर्थदंड अधिरोपित किया जाए। साथ ही निर्देशित किया गया कि मंदिर परिसर के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्र में पुजारी ,पुरोहित , प्रतिनिधियों के अतिरिक्त अनाधिकृत रूप से अन्यत्र समस्त जनों का प्रवेश तत्काल प्रतिबंधित किया जाए,जो पुजारी, पुरोहित एवं प्रतिनिधियों के समान छद्म आचरण कर श्रद्धालुओं को गुमराह कर अवैध रूप से भगवान महाकालेश्वर की होने वाली भस्म आरती, जलाभिषेक, अभिषेक पूजन इत्यादि के नाम से श्रद्धालुओं से राशि वसूल करते हैं उनके विरुद्ध संयुक्त दल गठित किया जाकर अनाधिकृत रूप से घूमने वाले ऐसे व्यक्तियों पर निगरानी रखी जाए। साथ ही समय-समय पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर किसी भी श्रद्धालु के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अवैध वसूली ना हो यह सुनिश्चित किया जाए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अभिषेक आनंद ने एएनआई को बताया, “दिल्ली के तीन श्रद्धालुओं ने 16 अप्रैल को महाकाल पुलिस स्टेशन में फर्जी प्रवेश टिकट के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। धारा 420 और 434 और मामले की जांच शुरू की।”
मामले की जांच के दौरान महाकाल थाने के अधिकारियों ने अपराध में शामिल कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. एडिशनल एसपी आनंद ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी पुराने प्रवेश टिकटों के साथ छेड़छाड़ कर नए टिकट तैयार करते थे.उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद किया है. पूछताछ और सबूतों के आधार पर मामले में आईपीसी की और धाराएं 467, 468 और 471 जोड़ी गईं।