इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के दर्जनभर विभागों से संचालित पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीयूईटी काउंसलिंग होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जुलाई दूसरे सप्ताह में काउंसलिंग का पहला चरण रखा है। प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों पर 27 लाख रुपये का खर्च आएगा।यह राशि कार्यपरिषद की तरफ से मंजूर हो चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीयूईटी रिजल्ट के दस दिन के भीतर काउंसलिंग में पंजीयन शुरू करने का विचार किया है। काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन के लिए विद्यार्थियों को बीस दिन का समय दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक परीक्षा की तारीख तय होने के बाद काउंसलिंग को लेकर रूपरेखा बनाई जाएगी।
सीयूईटी के माध्यम से इंटीग्रेटेड, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) यूजी-पीजी पाठ्यक्रम के लिए अलग-अलग परीक्षा रखेंगी, जो मई से जून के बीच होना प्रस्तावित लग रखा है। वैसे अगले कुछ दिनों में एजेंसी परीक्षा की तारीख निर्धारित कर सकती है। इसके बाद विश्वविद्यालय में भी काउंसलिंग की तैयारी शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय के 14 विभागों के 41 पाठ्यक्रम होंगे, जिन्हें पांच से छह ग्रुप में रखा जाएगा। लगभग 2700 से 2900 के बीच सीटें होगी। ग्रुप्स के आधार पर काउंसलिंग का शेड्यूल बनाया जाएगा।
एजेंसी को अधिकांश संस्थान व विश्वविद्यालय ने परीक्षा खत्म होने के दस दिन के भीतर रिजल्ट देने पर जोर दिया है, क्योंकि पिछले साल रिजल्ट में देरी की वजह से विश्वविद्यालय में पढ़ने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को मजबूरन अन्य संस्थानों में प्रवेश पड़ा था। ऐसी स्थिति इस साल न बने इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया जल्दी करवाई जाएगी। मई-जून में परीक्षा होने के बाद एजेंसी रिजल्ट जारी करेंगी। उसके बाद विश्वविद्यालय काउंसलिंग को लेकर रजिस्ट्रेशन शुरू करेंगी।
अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण की काउंसलिंग के लिए सात दिन निर्धारित करेंगी। एनआरआइ की सीटों पर प्रवेश से काउंसलिंग होगी। फिर एसटी, एससी, ओबीएसी, ईएसडब्ल्यू सहित आरक्षित और सामान्य सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। आखिरी में कर्मचारी कोटे में पाठ्यक्रम में दाखिला देंगे। काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन शुल्क भी विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति करेंगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.