भोपाल। घूसखोरी के एक मामले में सजा काट रहे पूर्व एएसआइ को बीमारी के इलाज के लिए जेल से लाकर हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह वह निगरानी के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अस्पताल से भाग निकला था। कोहेफिजा थाना पुलिस ने उसके खिलाफ हिरासत से भागने का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। शनिवार सुबह उसे नरसिंहगढ़ रोड स्थित दोराहा से पुन: गिरफ्तार कर लिया गया।
कोहेफिजा थाना पुलिस के मुताबिक 64 वर्षीय विषम सिंह सेंगर पूर्व में सीहोर जिले में एएसआइ के पद पर पदस्थ था। उसे लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे घूसखोरी का दोषी पाते हुए साढ़े चार साल की सजा सुनाई है। वह सीहोर की जेल में सजा काट रहा था। लिवर का कैंसर होने के कारण उसे सीहोर जेल से लाकर हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। शुक्रवार सुबह लगभग 10.30 बजे वह अस्पताल के जेल वार्ड में तैनात पुलिसकर्मियों से नजर बचाकर भाग निकला था। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार जुटी थी। शनिवार को उसे दोराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
झगड़े के बाद पत्नी मायके गई, पति ने लगा ली फांसी
उधर, गांधी नगर थाना इलाके में रहने वाले व्यक्ति ने शुक्रवार शाम को घर में फांसी लगा ली। घटना से पहले उसका पत्नी से विवाद हुआ था। जिसके चलते वह नाराज होकर मायके चली गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांधी नगर थाना पुलिस के मुताबिक 30 वर्षीय जितेंद्र पुत्र देवकरण मेवाड़ा प्रताप वार्ड गांधी नगर में रहता था। निजी काम करने वाले जितेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं। शराब पीने की लत के कारण जितेंद्र का पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। शुक्रवार दोपहर को भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उसके बाद पत्नी, बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। हालांकि जितेंद्र ने उसे रोकने की काफी कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं मानी थी। शाम को पत्नी की साड़ी से फंदा लगाकर जितेंद्र ने फांसी लगा ली थी।
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