बिलासपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए महामारी से लड़ने की गई व्यवस्था को दूसरे दिन मंगलवार को भी परखा गया। इसके तहत संभागीय कोविड अस्पताल के साथ निजी अस्पताल में मॉकड्रिल किया गया। निजी अस्पताल मे भी सभी चिकित्सा व्यवस्था अपडेट मिला है। स्वास्थ्य विभाग ने इन निजी अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश दिए है। यह भी कहा गया है कि यदि हालत बिगड़ते है तो 24 घण्टे के भीतर कोविड अस्पताल में तब्दील होना होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ,अधिकारी डॉ अनिल श्रीवास्तव द्वारा जिला चिकित्सालय एवं निजी चिकित्सालय में शिशु भवन, किम्स हॉस्पिटल, महादेव हॉस्पिटल के मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया गया। जिसमें डॉक्टर अनिल गुप्ता सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय, डॉ एसके दास शिशु रोग विशेषज्ञ, एवं डॉ वी के वैष्णव जिला नोडल अधिकारी ,डॉ सौरव शर्मा जिला नोडल अधिकारी चिरायु, डॉक्टर हार्दिक सिलारका जिला राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना समन्वयक ,जिला मीडिया अधिकारी नौशाद अहमद एवं नर्सिंग होम एक्ट की सदस्य मौली जैकब, प्रवीण शर्मा आदि उपस्थित थे। निजी चिकित्सालय के डॉ आशुतोष तिवारी एवं डॉ प्रणव अंधारे भी मॉक ड्रिल में उपस्थित रहे। इस मार्कड्रिल का नेतृत्व सीएमएचओ डाक्टर अनिल श्रीवास्तव ने किया। मॉकड्रिल सुबह 20 बजे से चालू किया गया। जिसमें सबसे पहले एम्बुलेंस के माध्यम से कोरोना मरीज का पहुचना, उसके बाद उसे कोरोना वार्ड में शिफ्ट करने की प्रक्रिया की गई। जिसमें वार्ड तक पहुचने में तीन मिनट का समय लगा। इसके बाद चिकित्सक के द्वारा देखना और ऑक्सीजन देने की प्रक्रिया की गई। उसके बाद यदि मरीज की हालत बिगड़ रहे हैं तो आईसीयू और वेंटिलेटर में डालने की प्रक्रिया की गईं। इस प्रक्रिया में किसी तरह की खामियां नजर नहीं आई। इसी तरह जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मॉकड्रिल किया गया। जहां भी कोरोना मरीज के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था मिली है। एक तरह से मॉकड्रिल पूरी तरह से सफल रहा है। अब यदि मरीज बढ़ते हैं तो इन्ही संसाधन से इलाज किया जाएगा।
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