इंदौर। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने अगस्त से वाहन पोर्टल पर काम करना शुरू किया है। मध्य प्रदेश एकीकृत वाहन पंजीयन व्यवस्था से जुड़ चुका है। नॉन कमर्शियल के बाद अब कमर्शियल वाहनों का पूरा डाटा भी वाहन पोर्टल पर शिफ्ट किया जा चुका है। विभाग ने अब तक बसों के पुराने टैक्स की जानकारी वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं की, इससे बस संचालकों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। एक से 10 तारीख के बीच टैक्स जमा करने के लिए चालक विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, ताकि 10 तारीख बाद लगने वाली पेनल्टी से बचा जा सके।
परिवहन विभाग में पेपरलेस व्यवस्था के तहत वाहन डीलर पॉइंट पर ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य व्यवस्थाओं को नए वाहन पोर्टल पर जोड़ा गया है। वाहन ट्रांसफर, फाइनेंस कटना जैसी सुविधा भी नए वाहन पोर्टल से जुड़ गई है। अब तक बसों के टैक्स की पुरानी जानकारी वाहन पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई। इससे बस संचालक बसों का मंथली टैक्स जमा नहीं कर पा रहे हैं। 10 तारीख तक कई चालक टैक्स जमा नहीं कर पाए। अब पेनल्टी के साथ टैक्स जमा करना होगा।
हर माह 10 तारीख तक जमा होता है टैक्स
परिवहन विभाग द्वारा बसों का मासिक टैक्स जमा किया जाता है। यह टेक्स प्रत्येक माह एक से 10 तारीख तक जमा करना होता है। तय तारीख तक जमा नहीं करने वाले बस चालकों को पेनल्टी के साथ टैक्स देने का प्रविधान है। इस बार पोर्टल की समस्या के कारण कई चालक अब तक अपना टैक्स जमा नहीं कर पाए। इंदौर आरटीओ में दो हजार के करीब बसे पंजीकृत हैं।
मार्च में बंद हुआ स्मार्ट चिप पोर्टल
स्मार्ट चिप पोर्टल पर कमर्शियल वाहन के पंजीयन और अन्य कार्य 28 फरवरी से बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सभी वाहनों का डाटा वाहन पोर्टल पर शिफ्ट किया गया और 16 मार्च से वाहन पोर्टल कार्य शुरू हुआ, लेकिन अब तक बस का टैक्स अपलोड नहीं किया गया।
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