देश में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। आशंका जताई जा रही है कि महामारी की एक और लहर देखने को मिल सकती है। इससे निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए देशभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल की जा रही है। केंद्र सरकार की पहल पर सोमवार और मंगलवार को यह मॉक ड्रिल की जा रही है।
मॉक ड्रिल में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्वास्थ्य केंद्रों के शामिल हैं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया माक ड्रिल का निरीक्षण करने 10 अप्रैल को झज्जर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाएंगे।
मनसुख मांडविया ने सात अप्रैल को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से अस्पताल जाने तथा मॉक ड्रिल का निरीक्षण करने का अनुरोध किया था।
देश में कोरोना के सक्रिय मरीज 32 हजार से अधिक
इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,357 नए मामले दर्ज किए गए हैं। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 32,814 हो गई है। कोरोना से 11 और मरीजों के दम तोड़ने से मृतकों की संख्या बढ़कर 5,30,965 हो गई है। मृतकों में गुजरात के तीन, हिमाचल प्रदेश के दो और बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा उत्तर प्रदेश के एक-एक मरीज शामिल हैं।
चीन ने वुहान कोविड डाटा छिपाने के डब्ल्यूएचओ के आरोपों को खारिज किया
वहं चीनी अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वुहान कोविड डाटा छिपाने के विश्व स्वास्थ्य संगठन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। बीजिग में शनिवार को अधिकारियों ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के आरोप असहनीय हैं।
असल में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड वायरस पर वैज्ञानिक अनुसंधान रोकने के लिए चीनी अधिकारियों को फटकार लगाई थी। डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि इससे कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता चल सकता था। इसके साथ ही उसने चीन से तीन साल पहले कोविड डाटा का राज नहीं खोलने के कारणों के बारे में भी पूछा था।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.