सी के पारे हरदा
जिले के ग्राम भैरोपुर में इस रबी सीजन किसानों ने पारंपरिक फसलों से हटकर चिया सीड्स की खेती को प्राथमिकता दी है। किसान राधेश्याम जाट, सुनील जाट और लक्ष्मी नारायण फडा़क का कहना है कि चने की तुलना में चिया सीड्स की खेती अधिक लाभदायक साबित हो रही है।
किसानों के अनुसार चने की फसल में कीट और इल्ली का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे महंगे कीटनाशकों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। वहीं मौसम की अनिश्चितता भी उत्पादन को प्रभावित करती है। इसके विपरीत चिया सीड्स की फसल अपेक्षाकृत कम लागत में तैयार हो जाती है और बाजार में चने की तुलना में लगभग दोगुना भाव मिलने से किसानों को बेहतर मुनाफा प्राप्त हो रहा है।

खेतों में लहलहाती चिया सीड्स की फसल अब क्षेत्र के अन्य किसानों को भी आकर्षित कर रही है। किसानों का मानना है कि यदि बाजार और विपणन की उचित व्यवस्था मिले तो आने वाले वर्षों में चिया सीड्स हरदा जिले की प्रमुख नकदी फसल बन सकती है।
चिया सीड्स खाने के 5 जबरदस्त फायदे
पोषक तत्वों का खजाना – इसमें प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
दिल को रखे स्वस्थ – ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।
वजन नियंत्रण में सहायक – फाइबर अधिक होने से लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है।पाचन तंत्र मजबूत करता है – नियमित सेवन से पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है।ऊर्जा और फिटनेस बढ़ाए – खिलाड़ी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे सुपरफूड के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि बदलते समय में खेती में नवाचार ही सफलता की कुंजी है। भैरोपुर के खेतों में लहरा रही चिया सीड्स की फसल इस बात का प्रमाण बन रही है कि सही फसल चयन से किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।